प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के शहर आगमन के दौरान मिले खुफिया इनपुट से पुलिस अफसरों में हड़कंप मच गया। आशंका जताई गई कि हिंदू हॉस्टल व हाथी पार्क में छिपे कुछ लोग पीएम के दौरे के दौरान व्यवधान डाल सकते हैं। उन्हें काले झंडे दिखा सकते हैं। इसके बाद पुलिस ने आननफानन में दोनों जगहों पर छापा मारकर तलाशी अभियान चलाया। पीएम के लौटने के बाद सुरक्षा में लगे अफसरों ने राहत की सांस ली।
प्रधानमंत्री के आगमन के लिए एक दिन पहले ही सुरक्षा व्यवस्था का खाका खींच लिया गया था। उनकी सुरक्षा के लिए त्रिस्तरीय सुरक्षा घेरा बनाया गया था। इसमें एसपीजी व स्पेशल कमांडो के साथ ही सीपीएमएफ व पुलिस को तैनात किया गया। बृहस्पतिवार सुबह से अफसर लगातार सुरक्षा व्यवस्था को परखने के लिए चक्रमण करते रहे। दोपहर होेते-होते पुलिसकर्मियों के साथ ही अर्धसैनिक बल के जवान भी वीआईपी रूट पर मुस्तैद हो गए थे। सूत्रों की मानें तो इसी दौरान पुलिस को सूचना मिली कि प्रधानमंत्री के आगमन के दौरान कुछ लोग उनकी फ्लीट में व्यवधान डाल सकते हैं। इस बात की भी आशंका जताई गई पीएम को विरोध जताने के लिए काले झंडे दिखाए जा सकते हैं। इसके लिए हिंदू हॉस्टल व हाथी पार्क में कुछ लोग छिपे हो सकते हैं।
इस सूचना पर वरिष्ठ अफसरों के निर्देश पर कर्नलगंज थाने की फोर्स ने हिंदू हॉस्टल व हाथी पार्क में छापा मारा। इस दौरान सीपीएमएफ के जवानों को भी बुला लिया गया था। टीम ने पहले हाथी पार्क में छापा मारकर सघन तलाशी ली। इसके बाद हिंदू हॉस्टल पहुंचकर तलाशी अभियान चलाया। इस दौरान यह देखा गया कि वहां कोई संदिग्ध छिपा तो नहीं है, या फिर वहां काला झंडा या फिर कोई आपत्तिजनक चीज तो नहीं छिपाकर रखी गई है।
करीब डेढ़ घंटे तक दोनों जगहों पर तलाशी ली गई। हालांकि, कोई आपत्तिजनक चीज पुलिस को नहीं मिली। इसके बाद पीएम की फ्लीट गुजरने तक हॉस्टल की चहारदीवारी के किनारे पर सीपीएमएफ के जवान तैनात रहे। पीएम के सभास्थल से लौटने के बाद अफसरों ने राहत की सांस ली। इस बारे में सीओ श्रीश्चंद्र ने बताया कि उन्हें खुफिया इनपुट की जानकारी नहीं है। लेकिन, अफसरों के निर्देश पर हिंदू हॉस्टल व हाथी पार्क में तलाशी अभियान चलाया गया। जहां कोई भी आपत्तिजनक चीज नहीं मिली।
जिले में वीआईपी आगमन के दौरान पिछले दिनों हुई घटनाओं को लेकर ही अफसर बेहद चौकन्ना थे। बता दें कि इससे पहले शहर आगमन के दौरान प्रधानमंत्री मोदी के साथ ही सीएम योगी व भाजपा राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह को काले झंडे दिखाए जाने की घटनाएं हो चुकी थीं। पीएम मोदी को पिछले साल 16 दिसंबर को अंदावा में आयोजित कार्यक्रम के दौरान रमा यादव नाम की छात्रा ने काला झंडा दिखाया था। इससे पहले 14 अक्तूबर को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को अरैल में सपा कार्यकर्ता ने काले झंडे दिखाए थे। उधर 27 जुलाई को शहर आगमन के दौरान धूमनगंज में भाजपा अध्यक्ष अमित शाह की फ्लीट के आगे कूदकर नेहा यादव व रमा यादव ने काले झंडे लहराए थे।
उधर पीएम के दौरे को लेकर पुलिस अफसर बेहद चौकन्ना दिखे। वह सुबह से ही मातहतों को दिशा-निर्देश देते रहे। यही नहीं वायरलेस पर लगातार उनकी आवाजें गूंजती रहीं। दोपहर में एसपी सिटी बृजेश कुमार श्रीवास्तव ने वायरलेस पर संदेश दिया कि सभी थाना प्रभारी वीआईपी मार्ग के किनारों पर स्थित दुकानों की अच्छी तरह से तलाशी लेलें। कहीं भी कोई संदिग्ध व्यक्ति या वस्तु के मिलने की जानकारी हो तो तत्काल अफसरों को सूचित करें। अफसरों का इस बात पर भी खास जोर रहा कि वीआईपी मार्ग के किनारों पर स्थित दुकानों पर काला कपड़ा, काला मफलर, झंडा आदि लेकर कोई भी खड़ा न हो पाए।