पढ़ाई के साथ-साथ छात्राएं कमाई भी कर सकेंगी। चार वर्षीय स्नातक पाठ्यक्रम की मान्यता शासन ने शहर के एक निजी महिला महाविद्यालय को दी है। नए शैक्षणिक सत्र से महाविद्यालय में पठन-पाठन का कार्य शुरू होगा।
शासन ने प्रदेश के चिह्नित महाविद्यालयों में अप्रेंटिसशिप एम्बेडेड डिग्री प्रोग्राम की मान्यता दी है। संयुक्त सचिव शकील अहमद सिद्दीकी ने उच्च शिक्षा निदेशक और प्रो. राजेंद्र सिंह (रज्जू भैय्या) विश्वविद्यालय को पत्र भेजकर नए शैक्षणिक सत्र से महाविद्यालयों में पठन-पाठन का कार्य शुरू कराने का निर्देश दिया है।
महिला महाविद्यालय में बीएससी हेल्थ केयर, फूड टेक्नोलॉजी के साथ एआई आधारित मशीन लर्निंग की पढ़ाई कराई जाएगी। नए सत्र के दाखिले की प्रक्रिया जल्द ही शुरू की जाएगी। छात्रों को डिग्री के सेमेस्टर में किसी कंपनी उद्योग में प्रायोगात्मक कार्य करने का मौका भी मिलेगा। छात्राओं को कार्य के बदले वेतन भी दिया जाएगा।
राज्य विवि को नहीं मिली मान्यता
शासन ने प्रयागराज मंडल के दो महाविद्यालयों को पाठ्यक्रम संचालन की मान्यता दी है। दोनों में प्रतापगढ़ का एक महिला महाविद्यालय भी शामिल है। जबकि दूसरा महाविद्यालय प्रयागराज में स्थित है। प्रो. राजेंद्र सिंह (रज्जू भैय्या) विश्वविद्यालय ने मान्यता के लिए आवेदन किया था। हालांकि विश्वविद्यालय को पाठ्यक्रम की मान्यता नहीं मिल सकी है।
शासन ने रोजगारपरक पाठ्यक्रम की मान्यता विश्वविद्यालय से संबद्ध दो महाविद्यालयों को दी है। नए सत्र से पठन-पाठन का कार्य शुरू होगा। विश्वविद्यालय ने दोबारा मान्यता के लिए आवेदन किया है।
विनीता यादव, कुलसचिव, राज्य विवि।