माल के परिवहन के लिए नेशनल ई-वे बिल व्यवस्था एक अप्रैल से लागू होने जा रही है। इसके बाद प्रांत के बाहर से 50 हजार रुपये से अधिक के माल के परिवहन के लिए ट्रांसपोर्टरों, व्यापारियों को ई-वे बिल जीएसटी पोर्टल से डाउनलोड करना होगा। इसके लिए जीएसटी काउंसिल ने ई-वे बिल नियमावली में कुछ संशोधन भी किए हैं। केंद्र सरकार की ओर से इस संबंध में दिशा-निर्देश मिलने के बाद राज्य वस्तु एवं सेवा कर (वाणिज्य कर) विभाग की कमिश्नर कामिनी चौहान रतन ने मंगलवार को सभी एडिशनल कमिश्नर ग्रेड-1, ग्रेड-2 एवं ज्वाइंट कमिश्नरों को आदेश जारी कर दिया।
कमिश्नर की ओर से जारी आदेश में स्पष्ट किया गया है कि पहले चरण में एक अप्रैल से माल के अंतर प्रांतीय परिवहन पर ही ई-वे बिल लागू होगा। उत्तर प्रदेश में प्रांतीय परिवहन के संबंध में यह व्यवस्था कुछ समय बाद लागू की जाएगी। कमिश्नर ने कहा है कि नई व्यवस्था में व्यापारियों, ट्रांसपोर्टर, वाहन मालिकों आदि को कठिनाई हो सकती है। इसके समाधान के लिए 29 से 31 मार्च तक तथा एक अप्रैल को राजकीय अवकाश में कार्यालय खुले रहेंगे और सभी अफसर अपने मुख्यालय में मौजूद रहेंगे। ई-वे बिल नियमावली में हुए संशोधन की प्रवर्तन अधिकारियों को जानकारी के लिए 28 मार्च को कार्यशाला आयोजित कराने का भी निर्देश दिया गया है।
कमिश्नर ने निर्देश दिया है कि नेशनल ई-वे बिल के संबंध में व्यापारियों को जागरूक करने के लिए 20 से 31 मार्च तक ट्रेडवार सेमिनार आयोजित किए जाएं। व्यापारियों, ट्रांसपोर्टरों को ई-वे बिल पोर्टल पर 31 मार्च से पहले इसके लिए रजिस्ट्रेशन कराने को प्रेरित किया जाए, ताकि एक अप्रैल से व्यवस्था लागू होने पर माल के परिवहन में दिक्कत न हो।