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ई-अस्पताल से सुधरेगी सरकारी अस्पतालों की दशा: टंडन

Sun, 08 Jul 2018 12:54 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद
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इलाहाबाद - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद
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सूबे के चिकित्सा शिक्षा एवं प्राविधिक शिक्षा मंत्री आशुतोष टंडन ने ई-अस्पताल प्रणाली के जरिए सरकारी अस्पतालों की दशा जल्द सुधारने को बात कही है। एसआरएन अस्पताल परिसर में निर्मित अत्याधुनिक ट्रामा सेंटर का शनिवार को लोकार्पण करते हुए उन्होंने सितंबर माह से पहले सरकारी अस्पतालों में ई-प्रणाली लागू करने की योजना बताई। मंत्री ने कहा, इसके लागू होने से मरीजों को ओडीपी की लम्बी लाईनों से छुटकारा मिल सकेगा। ओपीडी पर्चा बनने के साथ उनको उनका नंबर भी मालूम चल जाएगा। वह उस समय आकर डॉक्टर से परामर्श हासिल कर सकेंगे। मरीज की पूरी हिस्ट्री भी सुरक्षित रखी जाएगी।
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पैथालॉजी रिपोर्ट भी ऑनलाईन की जाएगी। इसे डॉक्टर के साथ मरीज के मोबाइल फोन पर पहुंचाया जाएगा। इससे मरीजों के उपचार को बेहतर बनाया जा सकेगा। उन्होंने कुंभ मेला से पूर्व यह व्यवस्था यहां लागू कराने का भरोसा दिलाया। विशिष्ट अतिथि महानिदेशक चिकित्सा शिक्षा डा.केके गुप्ता ने इस ट्रामा सेंटर को इलाहाबाद समेत आसपास के जिलों के लिए महत्वपूर्ण बताया। महानिदेशक ने ऑक्सीजन के लिए सिलेंडर आधारित व्यवस्था खत्म करके नई कारगर प्रणाली लागू करने की बात कही। मोतीलाल नेहरु मेडिकल कॉलेज प्राचार्य डा.एसपी सिंह ने नवनिर्मित ट्रामा सेंटर को इलाहाबाद समेत आसपास के जिलों के अलावा मध्यप्रदेश, बिहार के मरीजों के लिए उपयोगी बताया। इसके विलंब होने में सफाई पेश करते हुए प्राचार्य ने कहाकि केंद्र सरकार की गाईड लाइन के अनुसार कार्य कराने के चलते इसमें देर हुई। 25 करोड़ की लागत से अस्पताल में बन रहे बाल चिकित्सालय को उन्होंने अस्पताल के सुधार की दिशा में अहम कदम बताया।

इसके पहले तयशुदा कार्यक्रम के मुताबिक चिकित्सा शिक्षा मंत्री आशुतोष टंडन ने चिकित्सा मंत्री सिद्घार्थ नाथ सिंह, महापौर अभिलाषा गुप्ता, विधायक नीलम करवरिया, हर्षवर्धन वाजपेई, महानिदेशक स्वास्थ्य केके श्रीवास्तव, प्राचार्य डा.एसपी सिंह, ट्रामा सेंटर प्रभारी डा.शबी अहमद की मौजूदगी में वैदिक मंत्रोच्चार के बीच ट्रामा सेंटर का फीटा काटकर लोकापर्ण किया। इसके बाद ट्रामा सेंटर में चिकित्सीय सहुलियतों का जायजा लिया। प्राचार्य डा.सिंह ने यहां मौजूद चिकित्सीय सहुलियतों के बारे में बताया। मंत्री ने संतोष जाहिर करते हुए इनके नियमित निगरानी पर जोर दिया। इस दौरान विधायक राजमणि कोल, डा.दिलीप चौरसिया, डा.पीयूष सक्सेना, डा.एके वर्मा समेत अस्पताल के तमाम चिकित्सक एवं पैरामेडिकल स्टॉफ मौजूद रहा। उधर, चिकित्सा मंत्री सिद्घार्थ नाथ सिंह के प्रोटोकॉल में ट्रामा सेंटर का लोकापर्ण समारोह शामिल न होने के बावजूद चिकित्सा मंत्री कार्यक्रम में पहुंचे। उनके इंतजार में मंत्री आशुतोष टंडन करीब पन्द्रह मिनट तक खड़े रहे।
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एसआरएन अस्पताल परिसर में आधुनिक ट्रामा सेंटर शुरु होने के अब मार्ग दुर्घटना, गंभीर रुप से जले एवं गोली लग जाने के बाद जिंदगी-मौत से जूझने वाले मरीजों को पीजीआई लखनऊ के ट्रामा सेंटर नहीं जाना होगा बल्कि अब उनको यहीं पर इलाज मिल सकेगा। इलाहाबाद में इस ट्रामा सेंटर के शुरु होने पर कौशांबी, प्रतापगढ़, मिर्जापुर समेत मप्र के भी कुछ समीपवर्ती इलाके के लोगों को फायदा मिल सकेगा। इस नवनिर्मित ट्रामा सेंटर के जनरल वार्ड में 20 बेड होंगे जबकि दस बेड आधुनिक आईसीयू सेंटर के होंगे। दो ऑपरेशन थियेटर बनाए गए हैं।

इसमें एक ओटी का प्रयोग सामान्य दुर्घटनाओं के मरीजों के लिए होगा जबकि दूसरा ऑपरेशन थिएटर न्यूरो एवं अर्थो सर्जरी के लिए बनाया गया है। यहां न्यूरो एवं आर्थो सर्जरी के विशेषज्ञ भी बैंठेंगे। अत्याधुनिक पैथालॉजी की भी व्यवस्था की गई है जिसमें मोबाइल एक्सरे मशीन, अल्ट्रासाउंड मशीन के अलावा सर्जरी, आर्थों, ईएनटी, न्यूरो संबंधी जांच भी कराई जा सकेगी। एमआरआई कराने के लिए भी मशीन लगाई गई है। ट्रामा सेंटर पर विशेषज्ञों के साथ सौ पैरामेडिकल कर्मचारियों की भी तैनाती की गई है। बता दें, प्रदेश सरकार ने वर्ष 2006-07 में इलाहाबाद में ट्रामा सेंटर को हरी झंडी दिखाई थी लेकिन ट्रामा सेंटर संबंधी मानक के पूरा न होने की वजह से यह अभी तक अटका रहा और इसे चालू होने में दस वर्ष से भी अधिक का समय लग गया।

अपने चुटीले अंदाज में अपनी बात रखने के लिए चर्चित सांसद श्यामाचरण गुप्ता आज भी नहीं चुके। अपनी बात की शुरुआत उन्होंने यहां मौजूद सांसदों के वाक्य के साथ की। इशारा वहां मौजूद उन विधायकों की ओर था जो आगामी लोकसभा चुनाव में टिकट की उम्मीदवारी जता रहे हैं। बात को बल देने के लिए गांव की कहावत, गाये बिना बियाह नहीं होता का सहारा लिया, इसे सुनकर मंच पर मौजूद मंत्री आशुतोष टंडन समेत अन्य मुस्कुरा उठे। उसके बाद उन्होंने डॉक्टरों के रवैये को निशाने पर लेते हुए उनको मुस्कुराकर इलाज करने की नसीहत दी। प्राचार्य डा.एसपी सिंह से कहा वह डॉक्टरों की वर्कशाप कराएं जिसमें उनको मुस्कराने की ट्रेनिंग दी जाए। सांसद ने कहा अगर मरीज के साथ ठीक व्यवहार हो तब आधा मर्ज उसका उसी समय ठीक हो जाता है। उन्होंने पोस्टमार्टम हाउस में चिकित्सकों की संख्या भी बढ़ाने की मांग की।

एसआरएन परिसर में बाल चिकित्सालय समेत तीन अन्य योजनाओं का शियान्यास भी चिकित्सा मंत्री आशुतोष टंडन ने किया। एसआरएन परिसर में ही 24.91 करोड़ की लागत से बाल चिकित्सालय का निर्माण होगा। इस अस्पताल की क्षमता करीब दो सौ बिस्तरों की होगी। इसके अलावा अस्पताल में आग बुझाने के इंतजाम के लिए 4.79 करोड़ से नए अग्निरोधक सयंत्र स्थापित कराने, नवनिर्मित ट्रामा सेंटर में निर्माण एवं गैस पाइप लाइन के लिए 9.84 करोड़ एवं इलेक्ट्रिकल सेफ्टी कार्यों के लिए 9.68 करोड़ की लागत के कराए जाने वाले कार्यों का भी उन्होंने शिलान्यास किया।
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