पथरचट्टी रामलीला, पजावा रामलीला सहित अनेक रामलीला कमेटी की ओर से भावपूर्ण रामलीला का मंचन कर रावण वध का मंचन किया गया। मेले में लोगों की भारी भीड़ रही। बच्चों ने गुब्बारे और खिलौने खरीदे।
असत्य पर सत्य की विजय का प्रतीक दशहरा पर्व शनिवार को परंपरागत तरीके से धूमधाम से मनाया गया। शहर सहित ग्रामीण इलाकों में अधर्म के प्रतीक दशानन रावण के पुतले का दहन किया गया। चारों तरफ जय श्री राम और राजा रामचंद्र की जय के जयकारे गूंजते रहे। रावव के विशाल पुतले का दहन किया गया। जगह-जगह आतिशबाजी की गई। मेले में झालरों और ट्यूबलाइट की सजावट आकर्षक रही।
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पथरचट्टी रामलीला, पजावा रामलीला सहित अनेक रामलीला कमेटी की ओर से भावपूर्ण रामलीला का मंचन कर रावण वध का मंचन किया गया। मेले में लोगों की भारी भीड़ रही। बच्चों ने गुब्बारे और खिलौने खरीदे। ग्रामीण इलाकों के मेले में गृहस्थी के सामानों के साथ लाई, चूरा, नानखटाई, रेवड़ी, मूंगफली के साथ चीनी और गुड़ से बने सामानों की जमकर खरीददारी की गई।
ग्रामीण इलाकों फूलपुर,सोरांव,नवाबगंज, हंडिया, बरौत, लालगोपालगंज, श्रृंगवेरपुर फाफामऊ, सहसों, बहरिया के अलावा यमुनापार के नैनी, करछना, कोरांव, शंकरगढ़, लालापुर आदि जगहों पर मेले में भारी भीड़ रही। लोगों में जबर्दस्त उत्साह देखने को मिला। कौशाम्बी और प्रतापगढ़ जिले में विभिन्न स्थानों पर दशहरा पर मेला लगा जहां लोगों की भीड़ रही।