एक हजार से ज्यादा लंबी दूरी की ट्रेनों का संचालन
एडीआरएम संजय सिंह ने बताया कि महाकुंभ शुरू होने के पूर्व 13 हजार ट्रेन चलाए जाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया था, लेकिन महाकुंभ में उमड़ी भारी भीड़ के चलते 17,330 ट्रेनों का संचालन करना पड़ा। इसमें दस हजार नियमित ट्रेनें शामिल रहीं। कहा कि पहली बार लंबी दूरी कि एक हजार से ज्यादा ट्रेनों का संचालन किया गया। खास बात यह रही कि 2019 के कुंभ में जहां मौनी अमावस्या पर 49 स्पेशल ट्रेनें चली थीं, तो इस बार मौनी अमावस्या पर 157 ट्रेनें चलाई गईं, यानी तीन गुना ज्यादा।
मंडल के 20 प्रमुख स्टेशनों पर की गई थी तैयारी
सीनियर डीसीएम हिमांशु शुक्ला ने कहा कि सिर्फ जंक्शन नहीं, बल्कि मंडल के 20 अन्य प्रमुख स्टेशनों पर तैयारी की गई थी। सीपीआरओ शशिकांत त्रिपाठी ने बताया कि महाकुंभ के दौरान किसी भी यात्री से अतिरिक्त चार्ज नहीं लिया गया।