वित्तीय वर्ष के अंतिम दिन देर रात तक काम चला।
सरकारी दफ्तरों में वित्तीय वर्ष के आखिरी दिन भी बजट खपाने की होड़ मची रही। रविवार होने के बावजूद भी तमाम सरकारी कार्यालयों में 68 अरब रुपये का भुगतान हुआ। इस दौरान सभी महत्वपूर्ण सरकारी कार्यालय रविवार को भी खुले रहे।
अमूमन सामान्य दिनों में 15 से 20 करोड़ का ही भुगतान सरकारी कार्यालयों में होता है, लेकिन वित्तीय वर्ष के आखिरी सप्ताह में यह चार गुना तक बढ़ गया। सर्वाधिक 137 करोड़ का भुगतान 30 मार्च को हुआ , जबकि बुधवार 27 मार्च को यह धनराशि 135.36 करोड़ तक पहुंच गई थी। 25 मार्च से 31 मार्च तक की बात करें तो तकरीबन पांच अरब का भुगतान विभिन्न विभागों ने कर दिया।
यह स्थिति तब है जब भुगतान की अवधि निर्धारित करने के साथ पूरी प्रक्रिया ऑनलाइन कर दी गई है। वित्तीय वर्ष के आखिरी दिन 68 अरब का भुगतान हुआ। मुख्य कोषाधिकारी राकेश सिंह ने बताया कि रविवार को भी कोषागार खुला था। उधर वित्तीय वर्ष के आखिरी दिन रविवार को तमाम बैंक भी खुले रहे। हालांकि बैंकों में सिर्फ सरकारी लेन देन ही हुआ। संभागीय परिवहन कार्यालय, विद्युत विभाग के भी कार्यालय रविवार को खुले रहे। वाणिज्य कर विभाग में भी अन्य दिनों के मुकाबले ज्यादा चहल कदमी दिखी। विभाग के तमाम अफसर दिन भर कार्यालय में रहे।
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दिनांक भुगतान करोड़ में
25 मार्च 66.31
26 मार्च 27.53
27 मार्च 135.36
28 मार्च 65.68
29 मार्च 68.32
30 मार्च 137
31 मार्च 68