कोर्ट में याचियों की ओर से कहा गया कि कालिंदीपुरम सहित कई इलाकों में विद्युत आपूर्ति ठप (शटडाउन) है, इससे पीने के पानी का संकट खड़ा हो गया है। विद्युत अधिकारी सब स्टेशन पर ताला बंदकर हड़ताल पर चले गए हैं। कोई कुछ बताने वाला नहीं है।
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने शहर के कालिंदीपुरम सहित कई अन्य इलाकों में विद्युत आपूर्ति और पानी बाधित होने पर सख्त नाराजगी दिखाई है। कोर्ट ने जिम्मेदार अफसरों पर कार्रवाई का निर्देश देते हुए मामले में शनिवार को फिर सुनवाई करने को कहा है। यह आदेश मुख्य न्यायमूर्ति राजेश बिंदल और न्यायमूर्ति जेजे मुनीर की खंडपीठ ने जनहित याचिका पर सुनवाई के दौरान दिया है।
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कोर्ट में याचियों की ओर से कहा गया कि कालिंदीपुरम सहित कई इलाकों में विद्युत आपूर्ति ठप (शटडाउन) है, इससे पीने के पानी का संकट खड़ा हो गया है। विद्युत अधिकारी सब स्टेशन पर ताला बंदकर हड़ताल पर चले गए हैं। कोई कुछ बताने वाला नहीं है।
इस पर कोर्ट ने सरकारी अधिवक्ता से स्थिति जाननी चाही। कोर्ट ने पूछा, विद्युत आपूर्ति क्यों ठप है। यह तो जरूरी सेवा है। एस्मा लागू होने के बावजूद तीन दिनों से विद्युत आपूर्ति तीन दिनों से कैसे ठप है? हड़ताल करने वालों कौन है। कोर्ट ने हड़ताल करने वालों की सूची मांगी है और पूछा है कि उनकेखिलाफ क्या कार्रवाई की गई है।
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सुनवाई केदौरान कोर्ट में प्रयागराज मंडल के मुख्य अभियंता भी पेश हुए। कोर्ट ने पूछा कि हड़तालियों ने किस अधिकार के तहत विद्युत आपूर्ति ठप कर रखी है। कोर्ट को बताया गया कि विद्युत आपूर्ति बहाल कर दी गई है। जल्द ही पानी की आपूर्ति भी शुरू कर दी जाएगी। इस पर कोर्ट ने शनिवार को फिर सुनवाई की तिथि तय करते हुए पूरी रिपोर्ट तलब की है।