फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

प्रशासन की सख्ती के चलते भोजन वितरण से कई संस्थाओं ने पीछे खींचे हाथ

विज्ञापन
विज्ञापन
प्रयागराज। लॉक डाउन पार्ट- 2 के दौरान जिला प्रशासन ने फरमान जारी किया है कि बिना उनकी अनुमति के कोई भी संस्था जरूरतमंद लोगों के बीच भोजन आदि का वितरण नहीं कर सकती। प्रशासन की इस सख्ती के बाद शहर की कई संस्थाओं ने भोजन वितरण कार्य से अपने हाथ पीछे खींच लिए हैं। संस्थाओं द्वारा हाथ पीछे खींच लेने के बाद अब जरूरतमंद लोग को भोजन आदि के लिए दिक्कत हो रही है। हालांकि शहर में कई बड़ी संस्थाएं और राजनीतिक दल से जुड़े लोग भोजन और राशन वितरण का कार्य कर रहे हैं लेकिन उनका दायरा सीमित है । लॉक डाउन पार्ट वन के दौरान शहर की तमाम सामाजिक संस्थाएं जरूरतमंदों को तक भोजन पहुंचा रहे थी । तमाम मोहल्लों में लोगों ने छोटी-छोटी टोलियां बना कर जरूरतमंदों तक भोजन पहुंचाने का काम किया। किसी ने 10 व्यक्तियों के भोजन का इंतजाम किया तो किसी ने 50 का। लेकिन अब प्रशासन ने कहां है कि भोजन वितरण के लिए ऐसी संस्थाओं को मंजूरी दी जाएगी जो कम से कम 200 व्यक्तियों के भोजन का वितरण एक बार में करें। प्रशासन के इस फरमान के बाद तमाम छोटी संस्थाओं ने भोजन बांटने से अपने हाथ खड़े कर लिए। लॉक डाउन पार्ट वन के चौक स्थित केसर विद्यापीठ इंटर कॉलेज केसरवानी शिक्षा समिति की ओर से 14 अप्रैल तक नियमित रूप से तकरीबन हजार लोगों के भोजन का इंतजाम किया जा रहा था । यह संस्था आगे भी भोजन वितरित करना चाह रही थी लेकिन प्रशासन के नए निर्देश के बाद इस संस्थान ने अपने हाथ पीछे खींच लिए । संस्था से जुड़े व्यापारी नेता प्रमिल केसरवानी ने बताया कि प्रशासन की नियम शर्ते काफी परेशान करने वाली है इसी वजह से हमने यह कार्य रोक दिया है । इसी तरह आजाद नगर में भी लोग घर घर से खाना का संग्रह कर उसे जरूरतमंद लोगों तक बांट रहे थे लेकिन अब यहां भी लोगों ने यह कार्य बंद कर दिया । राजरूपपुर में भी अनिल गुप्ता, प्रमोद शर्मा भी नियमित रूप से न्यूनतम 50 लोगों तक भोजन पहुंचा रहे थे लेकिन उन्होंने भी प्रशासन की सख्ती के बाद यह कार्य बंद कर दिया । उन्होंने कहा कि हमारा बजट 50 लोगों का ही था 200 लोगों का बजट अभी फिलहाल नहीं है। शहर में इसके अलावा दो दर्जन से ज्यादा अन संस्थाओं ने भी इस कार्य से अपने हाथ पीछे खींच लिए हैं । हालांकि कि जिला प्रशासन में तकरीबन 40 संस्थाओं ने भोजन वितरण के लिए आवेदन किया है । इसके अलावा भाजपा, सपा,आ कांग्रेस की ओर से भी जिले के तमाम इलाकों में भोजन एवं राशन का वितरण किया जा रहा है ।अन्य राजनीतिक मुकाबले भाजपा इस मामले में कुछ ज्यादा ही सक्रिय दिखाई दे रही है।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें