महाकुंभ में 30 पांटून पुल लेकिन स्नानार्थियों के लिए कुछ ही
महाकुंभ क्षेत्र में गंगा नदी पर 30 पांटून पुल बनाए गए हैं लेकिन इनमें से ज्यादातर विशिष्ट अतिथियों के लिए ही सुरक्षित हैं। ज्यादातर पुल आम श्रद्धालुओं के लिए बंद रहते हैं। शनिवार को तो छतनाग से दारागंज के बीच सिर्फ एक-एक पांटून पुल से वाहनों को आने-जाने दिया जा रहा था। अन्य पुल पर दो पहिया वाहन ले जाना भी प्रतिबंधित था। इसकी वजह से लोगों को काफी भटकना पड़ा।
महाकुंभ में हेतापट्टी से अरैल के बीच गंगा नदी पर 30 पांटून बनाए गए हैं। इसे बड़ी सुविधा के रूप में प्रचारित भी किया गया लेकिन स्थिति यह है कि इनमें से ज्यादातर पर आवागमन नहीं होता।
संगम से शास्त्री के बीच सिर्फ एक-एक पांटून पुल पर वाहनों के आवागमन की अनुमति है। अन्य पर रात में भी वाहनों को नहीं चलने दिया जा रहा। शनिवार को तो ये दोनों पुल भी बंद कर दिए गए। झूंसी की तरफ से आने वाले लोगों को 12 नंबर पुल पर प्रवेश दिया गया।
इसे लेकर लोगों में काफी नाराजगी। रामघाट के सामने पांटून पुल नेत्र कुंभ के चिकित्सक भी फंसे थे। वहां एसडीएम लिखी गाड़ी भी थी। इनके आगे-पीछे कई अन्य वाहन भी खड़े थे। सुरक्षा कर्मियों ने नेत्र कुंभ के चिकित्सकों से कहा कि वे जा सकते हैं लेकिन अन्य लोगों को खुद ही हटाएं। इसके बाद बैरियर लगाकर सुरक्षा कर्मी कुछ दूर खड़े हो गए। इस तरह की स्थिति कई अन्य पुलों पर भी रही। इससे लोग काफी परेशान हुए तथा उनमें नाराजगी रही।