ईद के दूसरे दिन संगम नगरी में टर का मेला इस बार कोरोना संक्रमण के बीच गुजरे जमाने की चीज हो गया। मेला न लगने से मुस्लिम बाहुल्य इलाकों में मायूसी छाई रही। ईद के दूसरे दिन शहर के मुस्लिम बाहुल्य इलाकों में बच्चों की खुशी देखते बनती थी। ईद के नए परिधानों में बच्चे सजधज कर निकलते थे। पुराने मुगलिया स्टाइल में महिलाएं और लड़कियां ड्रेस और ज्वेलरी के साथ टर का मेला देखने निकलती थीं। मेले में तरह-तरह के झूले और चाइनीज फूड, चाट की दुकानें सजी रहती थीं।
इरफान और अटाला के फैयाज अहमद बताते हैं कि ईद पर जो ईदी मिलती थी,उसे बच्चे खुशी-खुशी रखते थे। ईदी अपने पास इकट्ठा करके दूसरे दिन टर का मेला देखने निकलते थे। लेकिन, इस बार मंसूर अली पार्क से लेकर अन्य इलाकों तक मंगलवार को टरका मेला नहीं लगा। जहां मेला लगता था वहां लाख डाउन की वजह से वीरानगी छाई रही।