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स्वीमिंग पूल तक कैसे पहुंचा अभिषेक, सब खामोश

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DSA Ground Crime - फोटो : CITY DESK
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चौकीदारों से पूछताछ में भी नहीं मिली कोई खास जानकारी
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रेलवे के एक अधिकारी साढ़े सात बजे पहुंचे थे, आशंका, उनके निकलने के दौरान अभिषेक चला गया था पूल में
प्रयागराज। रेलकर्मी प्रकाश का बेटा अभिषेक आखिर पूल में कैसे पहुंच गया, इसकी जानकारी किसी के पास नहीं है। पुलिस और आरपीएफ ने दोनों चौकीदारों समेत अन्य लोगों से पूछताछ की है। फिलहाल दिन भर की पूछताछ के बाद पता नहीं चल पाया है कि आखिर किसकी लापरवाही से अभिषेक की जान चली गई।
चौकीदार बंशीलाल ने बताया कि स्वीमिंग पूल शाम 5:30 बजे से रात 8:30 बजे तक खुलता है। उस दौरान कोच और लाइफ गार्ड भी मौजूद रहते हैं। सुबह अधिकारी आते हैं। बुधवार सुबह एक अधिकारी 7:20 के करीब नहाने के लिए आए थे। उनके जाने के करीब आधे घंटे बाद वह पूल बंद करने पहुंचा तो बाथरूम का दरवाजा खुला मिला। दरवाजा बंद करके पलटा तो देखा कि फर्श पर कपड़े रखे हैं और पूल के पानी में बच्चे का शव उतरा रहा है। कॉलोनी परिसर में रहने के कारण वह प्रकाश के बेटे को पहचानते थे। इस पर तत्काल इसकी सूचना उसके घर पर दी तो वहां कोहराम मच गया। पुलिस और आरपीएफ के अधिकारियों ने दोनों चौकीदारों से पूछताछ की। पिता तथा अन्य लोगों लोगों के भी बयान लिए लेकिन, देर शाम तक यह नहीं पता चल पाया था कि आखिर किसकी लापरवाही थी। चौकीदार बंशीलाल के मुताबिक अधिकारी के जाने के बाद वह पूल को बाहर से कुंडी लगाकर किसी और काम में लग गया था। संभवत: इसी दौरान अभिषेक पूल में घुस गया होगा। दोनों चौकीदारों का कहना था कि अभिषेक इससे पहले कभी भी पूल के आस पास नहीं दिखा था। वह पहली बार गलती से वहां आया और अंदाजा न होने के कारण डूब गया। खुल्दाबाद इंस्पेक्टर रोशन लाल ने बताया कि फिलहाल पूल को सील कर दिया गया है। दोनों चौकीदारों से पूछताछ हुई है। अन्य लोगों के बयान भी लिए गए हैं। फिलहाल घर वालों ने किसी के खिलाफ कोई तहरीर नहीं दी है।
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चौकीदार को नहीं लगी भनक
प्रयागराज। ग्राउंड का मेनगेट पार करके अभिषेक पूल तक पहुंच गया, लेकिन इसकी भनक चौकीदार को नहीं लगी। चौकीदार बंशीलाल ने बताया कि सुबह 8 बजे ड्यूटी बदल जाती है। रात में अजीत कुमार ड्यूटी पर था। वह करीब पौने आठ बजे ग्राउंड पहुंचे थे। इसके बाद अजीत उन्हें ग्राउंड की चाबियां सौंपने के साथ ही स्टोर रूम में रखा सामान दिखाने ले गया। करीब आधे घंटे बाद बाद रेलवे अधिकारी के जाने के बाद वह पूल बंद करने पहुंचा। तभी उसने पूल पर कपड़े देखे। उसने पूल में देखा तो कोई डूबा हुआ दिखा। इसके बाद उसने शोर मचाकर सबको बताया।
डीएसए ग्राउंड के स्वीमिंग पूल में डूबकर रेलवे कर्मी केबेटे की मौत के मामले में दोनों चौकीदारों के बयान दर्ज किए गए हैं। फिलहाल पुलिस के साथ ही आरपीएफ इंस्पेक्टर ने जांच करके पूल को सील कर दिया गया है। जांच के बाद आगे की कार्रवाई होगी।-अजीत सिंह, सीपीआरओ, एनसीआर
बीमार बेटे का शव देखकर मां बेसुध, नहीं रुके पिता के आंसू
प्रयागराज। रेलकर्मी प्रकाश के दो बेटों में अभिषेक छोटा था। ज्वाला देवी इंटर कॉलेज में 10वीं का छात्रा था। पिता प्रकाश ने बताया कि तीन माह से अभिषेक की मानसिक हालत ठीक नहीं थी। उसका इलाज चल रहा था। बुधवार को उसे एसआरएन हॉस्पिटल में दिखाने जाना था।
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बड़े भाई राहुल ने बताया कि तीन महीने पहले बुखार आने के बाद उसकी मानसिक हालत खराब हो गई थी। वह उल्टी सीधी हरकतें करना लगा था। करीब 15 दिनों से तबियत ज्यादा खराब होने के कारण उसने पढ़ाई भी छोड़ दी थी। न तो वह स्कूल जा रहा था और न ही कोचिंग। पढ़ाई में भी वह तेज नहीं था। बीमारी के कारण हर वक्त कोई न कोई उसके साथ ही रहता था। बुधवार सुबह वह कॉलोनी परिसर में बने गार्डेन में टहल रहा था। उस वक्त वह भी बाहर बैठा था, लेकिन जैसे ही वह घर के अंदर गया, उसके पीछे अभिषेक परिसर से बाहर निकल गया। संभवत: वह सीधे स्वीमिंग पूल पहुंच गया था। उसके बारे में जैसे ही पता चला। मां कुसुम भागते हुए पहुंची। वहां बेटे का शव देखकर बेसुध हो गई। उसकी चीखों से लोग दहल उठे। अभिषेक कुछ महीनों से बीमार चल रहा था। उसके बाद से कुसुम उसका बहुत ख्याल रखती थी। पिता प्रकाश के भी आंसू नहीं रुक रहे थे।

DSA Ground Crime- फोटो : CITY DESK

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