झूंसी के एसटीपी प्लांट से गिरता काला पानी।
- फोटो : अमर उजाला।
झूंसी में छतनाग इलाके में नमामि गंगे योजना के तहत 61.45 करोड़ की लागत से सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट को तैयार किया है। इस प्लांट से झूंसी के 17 नालों को टेप किया गया है। साइट सुपरवाइजर सत्यम झा और भावेंदु ने बताया कि पिछले 20 दिनों से प्लांट का संचालन बंद है। असल में झूंसी के छतनाग से लेकर नई झूंसी तक गंगातट के किनारे सड़क का निर्माण हो रहा है। इसमें भूमिगत 13 में से नौ एनआईडी उपकरण टूट गए हैं। इन्हें दोबारा से लगाया जा रहा है। जनवरी के पहले हफ्ते में प्लांट को दोबारा चालू कर दिया जाएगा।
नौ एसटीपी का संचालन अडानी ग्रुप के हाथों में
शहर के नौ एसटीपी प्लांटों का संचालन अडानी ग्रुप और मॉनिटरिंग जल निगम कर रहा है। अडानी ग्रुप की ओर से झूंसी के साथ ही नैनी वन, नैनी टू, सलोरी, राजापुर, पोंगहट, नुमायाडाही, फाफामऊ, और कुडरहा में एसटीपी का संचालन किया जा रहा है। साथ ही त्रिवेणी राजापुर में 100 एमएलडी, एचएनवी सलोरी में 42 एमएलडी और जिंदल के 50 एमएलडी के सीवेज प्लांट तैयार किए जा रहे हैं।