छात्रों में जागृत करेंगे देशभक्ति की भावना
अमर उजाला से बातचीत में डॉ. रीना सचान ने बताया कि तीन महीने प्रशिक्षण का दौर बेहद कठिन होता है। पूरी तरह से आर्मी का प्रशिक्षण दिया गया। जिसमें मैप रीडिंग, फायरिंग, ड्रिल, एडवेंचर, लीडरशिप से लेकर बंदूक चलाने आदि की ट्रेनिंग दी गई। प्रशिक्षण में अनुशासन में रहकर सारे कार्य समय से करने का प्रशिक्षण दिया जाता है। यह एनसीसी के साथ ही जीवन में भी काफी काम आता है।उन्होंने बताया कि पूरे भारत में 11 मेडिकल कॉलेजों में एनसीसी इकाई है। जिसमें में सिर्फ मोतीलाल नेहरू मेडिकल कॉलेज में एनसीसी है। पूरे देश से 122 लोगों को प्रशिक्षण दिया गया। बताया कि पुरुषों का प्रशिक्षण महाराष्ट्र के कामटी और महिलाओं की ट्रेनिंग ग्वालियर में हुई। ए ग्रेड में प्रशिक्षण पूरा करने के बाद एक्सीलेंस का सर्टिफिके भी हासिल किया। डॉ. सचान के अनुसार उनका यह प्रशिक्षण उनके छात्रों को अनुशासन में रहने और देश के लिए कुछ करने के लिए प्रेरित करेगा।
एनसीसी ऑफिसर्स ट्रेनिंग अकादमी ग्वालियर में आयोजित यह प्रशिक्षण न केवल शारीरिक और मानसिक धैर्य की परीक्षा था, बल्कि नेतृत्व और सेवा भावना को भी बढ़ावा देने वाला था। डॉ. रीना सचान की यह उपलब्धि कॉलेज के छात्रों और सहकर्मियों के लिए प्रेरणा का स्रोत बनेगी। कॉलेज प्रशासन और समस्त स्टाफ की ओर से डॉ. रीना सचान को बधाई एवं शुभकामनाएं दी गई हैं। उनकी यह उपलब्धि प्रयागराज और मोतीलाल नेहरू मेडिकल कॉलेज दोनों के लिए गौरव का विषय है।
प्राचार्य ने दी शुभकामनाएं
डॉ. रीना सचान की इस सफलता पर कॉलेज की प्राचार्य डॉ. वत्सला मिश्रा ने प्रसन्नता की है। कहा कि यह उपलब्धि न केवल हमारे कॉलेज के लिए गर्व का विषय है, बल्कि यह छात्रों में राष्ट्र के प्रति सेवा भावना को प्रोत्साहित करेगी। कॉलेज के प्रमुख अधीक्षक डॉ. अजय सक्सेना और अन्य वरिष्ठ चिकित्सकों ने भी उन्हें बधाई दी। कहा कि डॉ. रीना सचान ने अपनी प्रतिबद्धता और दृढ़ता से यह सफलता अर्जित की है, जो चिकित्सा और एनसीसी जैसे क्षेत्रों में सामंजस्य स्थापित करने का उत्कृष्ट उदाहरण है।