इलाहाबाद हाईकोर्ट ने पति-पत्नी के बीच हुए आपसी समझौते के आधार पर करीब 13 साल पुराने दहेज उत्पीड़न के आपराधिक मामले की पूरी कार्यवाही रद्द कर दी। न्यायमूर्ति संदीप जैन की एकल पीठ ने सुनील गुप्ता व अन्य की ओर से दाखिल आवेदनों पर यह आदेश दिया। सुनील गुप्ता और सोनाली गुप्ता का विवाह 20 नवंबर 2003 को हुआ था। विवाद के बाद पत्नी ने दहेज की मांग को लेकर प्रताड़ित करने का आरोप लगाते हुए कानपुर नगर के जूही थाने से एफआईआर दर्ज कराई थी।
अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट, कानपुर नगर ने पति, उसकी मां, भाई, भाभी, बहन और बहनोई को समन जारी कर तलब किया था। याची ने इसे हाईकोर्ट में चुनौती दी। सुनवाई के दौरान कोर्ट के निर्देश पर पति-पत्नी ने 22 सितंबर को अधीनस्थ अदालत में उपस्थित होकर समझौते का सत्यापन कराया। दोनों ने कहा कि समझौता स्वेच्छा से हुआ है और वे मुकदमा आगे नहीं चलाना चाहते। हाईकोर्ट ने कहा कि पक्षकारों ने आपसी सहमति से वैवाहिक विवाद सुलझा लिया है और समझौता न्यायालय से सत्यापित भी हो चुका है। ऐसे में आपराधिक कार्यवाही जारी रखने का कोई उपयोगी उद्देश्य नहीं रह जाता।