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ट्रांसपोर्टरों और प्राइवेट बस ऑपरेटरों पर दोहरी मार

Fri, 31 Jul 2020 07:16 PM IST
अमर उजाला लोकल ब्यूरो अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
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ट्रक
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लॉकडाउन में केंद्र सरकार ने तकरीबन सभी वर्गों को राहत दी है। लेकिन ट्रांसपोर्ट व्यवसाय से जुड़े लोग बीते 4 माह से कुछ ज्यादा ही परेशान है। अधिकांश ट्रांसपोर्टर और निजी बस ऑपरेटर दोहरी मार झेल रहे है। चार महीने से ज्यादा का वक्त हो चुका है और उनका कारोबार अभी रेंग रहा है।
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आमदनी नहीं हो रही है। मगर उन्हें रोड टैक्स समय पर देना पड़ रहा है। जो लोग समय पर रोड टैक्स जमा नहीं कर पाए थे। उन्हें विलंब शुल्क के साथ टैक्स जमा करना पड़ रहा है। केंद्र सरकार ने सितंबर तक परिवहन से जुड़े दस्तावेजों में छूट दी है। मगर इसका लाभ ट्रांसपोर्टर को नहीं मिल रहा है। ऑनलाइन टैक्स जमा करने पर कोई रियायत नहीं मिल रही थी।

साथ में विलंब शुल्क देना पड़ रहा है। ट्रांसपोर्टरों का कहना है कि जैसे अन्य जगह ईएमआइ को आगे बढ़ा दिया गया है। उसी तरफ रोड टैक्स में छूट मिलनी चाहिए। तीन महीने या छह महीने का रोड टैक्स माफ किया जाना चाहिए। अगर लोगों ने टैक्स जमा कर दिया है तो उसे समाहित किया जाना चाहिए। हालांकि राज्य सरकार द्वारा यात्री वाहनों के लिए अप्रैल-मई और मालवाहक वाहनों के लिए अप्रैल माह का रोड टैक्स माफ किया गया है लेकिन इसे ट्रांसपोर्ट और निजी बस ऑपरेटर नाकाफी मान रहे हैं।
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बस ऑपरेटर महेंद्र कुमार ने बताया कि अनलॉक होने के बाद भी लोग बसों में कम से कम सफर करना पसंद कर रहे हैं। हालात ऐसे हैं कि अब ड्राइवर और खलासी का डेली का खर्चा निकालना भी मुश्किल हो गया है। कई दिन से वाहन खड़े हैं तो उनके रखरखाव में भी समस्या आ रही है। ट्रांसपोर्ट का कारोबार करने वाले नीरज सहाय ने बताया पहले के मुकाबले लोडिंग और अनलोडिंग काफी कम हो गई है। टैक्स जमा न करने पर प्रतिदिन के हिसाब से ₹50 की पेनाल्टी भी लग रही है। सरकार से मांग है कि सितंबर तक का रोड टैक्स माफ किया जाए।
  • राज्य सरकार ने मालवाहक वाहनों के लिये अप्रैल माह एवं सभी तरह के यात्री वाहनों के लिए अप्रैल- मई माह का रोड टैक्स माफ किया है। सियाराम वर्मा एआरटीओ प्रशासन
  • सितंबर तक सभी यात्री वाहनों का रोड टैक्स माफ होना चाहिए। यह दौर ऐसा है कि लोग सफर करने से परहेज कर रहे हैं। बस ऑपरेटर अब तक के सबसे बुरे दौर से गुजर रहे हैं शहर में सैकड़ों की संख्या में मिनी बसें और बसें खड़ी हुई हैं। जमुना द्विवेदी, अध्यक्ष, द्वाबा बस एसोसिएशन।
  • ट्रांसपोर्टर लगातार सरकार से मांग कर रहे हैं कि उन्हें रियायत दी जाए। सरकार से 6 माह का रोड टैक्स और पेनाल्टी माफ करने की मांग की गई है। सरकार इस बार भी में गंभीरता से विचार करें, नहीं तो तमाम ट्रांसपोर्ट है सड़क पर आ जाएंगे। अनिल कुशवाहा, अध्यक्ष इलाहाबाद ट्रांसपोर्ट एसोसिएशन।
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