शारीरिक परीक्षण में उसे यह कहकर अनफिट करार दिया गया कि उसकी लंबाई निर्धारित मानक 168 सेंटीमीटर से कम है। अधिवक्ता का कहना था कि याची ने इससे पूर्व विज्ञापित कांस्टेबल भर्ती के लिए भी आवेदन किया था। जिसमें उसकी लंबाई 168 सेंटी मीटर से अधिक पाई गई थी। कुछ अन्य कारणों से वह चयनित नहीं हो पाया था।
अधिवक्ता का कहना था कि दो अलग-अलग भर्तियों में लंबाई नहीं बदल सकती है। भर्ती बोर्ड ने मानक उपकरणों का प्रयोग नहीं किया है। कोर्ट ने याची की लंबाई की जांच सीएमओ बुलंदशहर को तीन डाक्टरों की टीम बनाकर करने का निर्देश दिया था।
सीएमओ के मेडिकल बोर्ड द्वारा की गई जांच में याची की लंबाई 168.1 सेंटीमीटर पाई गई। कोर्ट ने कहा कि इस रिपोर्ट पर अविश्वास करने की कोई वजह नहीं है। कोर्ट ने पुलिस भर्ती बोर्ड को याची का दोबारा शारीरिक परीक्षण करने का आदेश दिया है।