स्थानीय प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र अन्तर्गत इलाके के दर्जभर गांवों में आवारा कुत्तों का आतंक है। माह भर के भीतर इन कुत्तों ने 120 लोगों को काटकर घायल कर दिया। गनीमत रही कि पीएचसी में रैबीज इंजेक्शन उपलब्ध रहा। इसके चलते घायलों को इलाज के लिये भटकना नहीं पड़ा। उधर जिले के जिम्मेदार हैं कि आवारा कुत्तों को लेकर तनिक भी संजीदा नहीं है।
पीएचसी मूरतगंज के कोखराज, बलकरनपुर, जुआरा, बड़ागांव, बदलेपुर, जलीलपुर सहित दर्जनभर गांवों में आवारा कुत्तों का आतंक है। अब तक इन कुत्तों ने इमामगंज निवासी शिवानी, कोखराज की संजना व मंजू, जुआरा निवासी नयन सिंह, बलकरनपुर निवासी अभय सिंह सहित 120 लोगों को काटकर घायल कर दिया।
घायलों में 48 पुरुष, 23 महिलायें, 32 बच्चे व 19 बालिकायें शामिल हैं। घटना के बाद पीड़ितों ने मामले की शिकायत इलाकाई पशु विभाग के जिम्मेदारों से कई बार की पर कोई सुनवाई नहीं हुई। आवारा कुत्तों के आतंक से इलाके के लोगों में दशहत है। उधर अस्पताल में रैबीज इंजेक्शन उपलब्ध होने से घायलों को काफी सहूलियत रही।
मामले में मुख्य पशु चिकित्साधिकारी डॉ. राजीव धीर का कहना है कि जानकारी नहीं मिली। ऐसा है तो पशु चिकित्सकों की टीम भेजकर आवारा कुत्तों को पकड़वाकर अन्यत्र छुड़वा दिया जायेगा।