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Prayagraj : एसआरएन अस्पताल में डॉक्टरों और तीमारदारों में जमकर मारपीट, बवाल के बाद ओपीडी इमरजेंसी सेवा ठप

Wed, 20 May 2026 11:02 AM IST
विनोद सिंह अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज

सार

स्वरूपरानी नेहरू अस्पताल (एसआरएन) में बुधवार को चिकित्सकों और तीमारदारों में जमकर मारपीट हो गई। घटना भोर में 5.30 बजे से शुरू हो गई। घटना से आक्रोशित डॉक्टरों ने ओपीडी और इमरजेंसी सेवाएं ठप कर दी हैं।
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एसआरएन अस्पताल में मारपीट के बाद पहुंची पुलिस। - फोटो : अमर उजाला।



जिसके बाद सभी लोग उसे उपचार के लिए एसआरएन अस्पताल लेकर पहुंचे। आरोप है कि इमरजेंसी में मौजूद एक जूनियर डॉक्टर सो रहा था। इलाज के लिए जगाने पर वह भड़क गया और महिला अधिवक्ताओं से अभद्रता व गालीगलौज करने लगा। इसके कुछ ही देर में कई जूनियर डॉक्टर एकत्र हो गए और महिला अधिवक्ताओं सहित अन्य अधिवक्ताओं को कमरे में बंद कर बुरी तरह पीटा।


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एसआरएन अस्पताल में हड़ताल के चलते मरीज परेशान। - फोटो : अमर उजाला।



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पूरे शहर में बनी रही जाम की स्थिति, रेंगते नजर आए वाहन। - फोटो : अमर उजाला।

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डॉक्टरों के खिलाफ प्रदर्शन करते अधिवक्ता। - फोटो : अमर उजाला।

हत्या का प्रयास समेत आठ धाराओं में हुई एफआईआर

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डॉक्टरों के खिलाफ प्रदर्शन करते अधिवक्ता। - फोटो : अमर उजाला।

फुटेज से पहचान करने में जुटी पुलिस, बनाई गई तीन टीमें

एसआरएन के अज्ञात डॉक्टरों के खिलाफ विभिन्न धाराओं में एफआईआर दर्ज की गई है। सीसीटीवी फुटेज खंगाले जा रह हैं, जल्द ही गिरफ्तारी की जाएगी। - म

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डॉक्टरों के खिलाफ प्रदर्शन करते अधिवक्ता। - फोटो : अमर उजाला।

सुबह छह बजे से बंद है ट्रॉमा सेंटर

घटना से आक्रोशित चिकित्सकों ने ट्रॉमा सेंटर और ओपीडी बंद कर दी है। इससे दूर दूर से इलाज कराने के लिए पहुंचे मरीजों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। ओपीडी पर्ची काउंटर बंद है। कोई भी चिकित्सक अपने कक्ष में नहीं है। प्रयागराज सहित प्रतापगढ़, कौशाम्बी, चित्रकूट, मिर्जापुर, रीवा से आए मरीज परेशान हैं। मरीजों ने कहा कि वह इतनी गर्मी और धूप झेलकर यहां पहुंचे हैं लेकिन हड़ताल के कारण उनको काफी दिक्कत हो रही है।

मेडिसिन ओपीडी समेत हृदय रोग विभाग, नाक कान गला रोग विभाग, सर्जरी और टीबी एंड चेस्ट विभाग में सीनियर डॉक्टर बैठे हैं। लेकिन पर्चा न बनने के कारण मरीज नहीं पहुंच पा रहे हैं। सूचना पाकर एडीएम सिटी सत्यम मिश्रा समेत एसडीएम, एसीपी, सीडीपी सहित कई थानों की पुलिस पहुंच गई है। मोतीलाल नेहरू मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉक्टर डॉक्टर वीके पांडेय ने बताया कि मामले को संज्ञान में लेकर जांच कराई जा रही है। इसके बाद उचित कार्रवाई की जाएगी।

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डॉक्टरों के खिलाफ प्रदर्शन करते अधिवक्ता। - फोटो : अमर उजाला।

दोपहर तीन बजे के बाद समाप्त हुई हड़ताल

वहीं दोपहर ढाई बजे के करीब प्राचार्य डॉ. वीके पांडेय ने जूनियर डॉक्टरों को वार्ता के लिए बुलाया। जहां कहा गया कि जब मामले की सच्चाई निकलकर सामने नहीं आई है और अभी कोई कार्रवाई नहीं हुई है, तो हड़ताल क्यों चल रही है। वहीं काफी देर समझाने के बाद दोपहर करीब तीन बजे जूनियर डॉक्टरों ने अपनी हड़ताल वापस ले ली। ऐसे में बृहस्पतिवार से सामान्य दिनों की तरह ओपीडी चलाने की बात प्राचार्य ने कही।

तीन सदस्यीय टीम करेगी मामले की जांच, 24 घंटे में मांगी रिपोर्ट

प्राचार्य डॉ. वीके पांडेय ने मामले की आंतरिक जांच के लिए तीन सदस्यीय टीम का गठन किया है। जिसमें उप प्रधानाचार्य डॉ. मोहित जैन, डॉ. दिलीप चौरसिया व डॉ. संजय सिंह सीसीटीवी कैमरे की फुटेज खंगालने के साथ घटना से जुड़े डॉक्टर व अन्य लोगों का बयान दर्ज करेगी। मामले की रिपोर्ट 24 घंटे के भीतर प्राचार्य को सौंप दी जाएगी। इसके अलावा मारपीट की लिखित शिकायत जूनियर डॉक्टरों की तरफ से की गई है। जिसे पुलिस को देते हुए, कॉलेज प्रशासन ने जांच की मांग उठाई है।

हड़ताल किसी भी रूप में सही नहीं होती है। जूनियर डॉक्टरों से बात करके फिलहाल हड़ताल समाप्त करा दी गई है। वहीं जांच पूरी होने के बाद कॉलेज प्रशासन इस मामले पर कार्यवाही करेगा। - डॉ. वीके पांडेय, प्राचार्य, एमएलएन मेडिकल कॉलेज।

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