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नई शिक्षा नीति में साथ-साथ तैयार होंगे डॉक्टर-इंजीनियर

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प्रयागराज। नई शिक्षा नीति के तहत आने वाले समय में डॉक्टर और इंजीनियर, दोनों एक-दूसरे की विधाओं से सामान्य तौर पर परिचित होंगे। एमएनएनआईटी में शुक्रवार को ‘राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 उद्यमशीलता एवं तकनीक हस्तांतरण’ विषय पर आयोजित संगोष्ठी में मुख्य अतिथि केंद्रीय शिक्षा, संचार एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री संजय धोत्रे ने कहा कोरोना संक्रमण के इस दौर ने हमें सिखाया कि किसी भी व्यक्ति को मल्टी डायमेंशनल होना चाहिए। हमें किसी एक क्षेत्र विशेष में नहीं, बल्कि हर क्षेत्र में काम करना होगा।
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संस्थान के डायमंड जुबली वर्ष पर आयोजित कार्यक्रमों की श्रृंखला के तहत आयोजित इस कार्यक्रम में धोत्रे ने कहा कि डॉक्टर्स की डिमांड पर हमारे इंजीनियर एवं वैज्ञानिकों ने कम समय में उन्हें पीपीई किट, वायरोलाइजर सहित अनेक यंत्र तैयार करके दिए। ऐसे में यदि हमारे डॉक्टर, तकनीक के काम में दक्ष होते तो वह अपने लिए पीपीई किट सहित दूसरे यंत्र तैयार कर लेते। राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 यही सीख देती है। केंद्रीय मंत्री ने कहा कि संस्थान में राष्ट्रीय शिक्षा नीति को लेकर सही दिशा में काम चल रहा है। कहा कि कोई भी बीमारी बड़ी नहीं होती यदि उसको समय रहते पहचान लिया जाए। इसी उद्देश्य को लेकर के एमएनएनआईटी में काम किया जा रहा है।
लॉकडाउन में प्रधानमंत्री की ओर से आपदा को अवसर में बदलने की अपील को एमएनएनआईटी के निदेशक के नेतृत्व में यहां के शिक्षकों एवं शोधार्थियों ने साकार किया है। उन्होंने संस्थान में वृक्षारोपण करने के साथ संस्थान के लोगों की ओर से कोविड के दौरान तैयार कोरोना रोधी उपकरणों की प्रदर्शनी देखी। प्रदर्शनी में लगे उपकरणों को सराहा एवं उसे बाजार दिलाने की बात कही। एमएनएनआईटी के निदेशक प्रो. राजीव त्रिपाठी ने स्वागत किया। डीन रिसर्च गीतिका ने संस्थान में तैयार उपकरणों के बारे में बताया। संचालन प्रो. शिवेस शर्मा ने किया। धन्यवाद रजिस्ट्रार डॉ. सर्वेश तिवारी ने किया। इस मौके पर डायमंड जुबली लोगो का अनावरण किया गया।
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