do't waste your daily life without praying god: Adgadanand
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शृंगवेरपुर आश्रम में संत ने भजन के जरिए भव बंधन से मुक्त होने के बताए उपाय
प्रयागराज। शक्तेशगढ़ परमहंस आश्रम के संत स्वामी अड़गड़ानंद महाराज ने मंगलवार को कहा कि बिना भजन के कल्याण संभव नहीं है। भजन बिना भक्ति के नहीं हो सकता। नाम जप ही भगवान का भजन है। ऐसे में हर मानव को दिन रात नाम जप करना चाहिए। कोशिश हो कि हृदय से नाम जप का तार कभी टूटने ना पाए। भक्तों को यह संदेश उन्होंने शृंगवेरपुर आश्रम में दिया।
संत ने कहा कि यह श्वांस जो व्यर्थ चली जा रही है, उसे यूं ही गंवाना नहीं चाहिए। यह श्वांस बिना नाम जप के जाने ना पाए। इस दौरान उन्होंने भजन की पंक्ति- टूटे न तार भजन कर... की व्याख्या की। स्वामी अड़गड़ानंद ने कहा कि नाम जप के बिना आवागमन के बंधन से छुटकारा नहीं पा सकते हैं। इसके लिए परमात्मा के नाम ‘ऊं’ अथवा ‘राम’ नाम का जाप करना चाहिए। साथ ही सत्संग के लिए तत्वदर्शी सद्गुरु का सानिध्य अपनाना चाहिए। सत्संग के अंत संत ने भगवत पथ की संपूर्ण साधन पद्धति समझने के लिए यथार्थ गीता का अनुसरण करने की सीख दी। बताया कि प्रत्येक प्राणी को यथार्थ गीता का तीन -चार बार वाचन अवश्य करना चाहिए। इस मौके पर अकेलानंद महाराज, संतोष महाराज, भावानंद, लाले महाराज, कौशल महाराज, शोहम महाराज, कुंवर महाराज, जयप्रकाश महाराज, ज्ञानी महाराज, जयश्री महाराज, आशीष महाराज उपस्थित थे।