प्रदेश भर के ऐसे व्यापारियों, जिन्होंने वित्तीय वर्ष 2014-15 में वार्षिक ई-रिटर्न दाखिल करते समय गलती की है, उन्हें परेशान होने की जरूरत नहीं है। ऐसे व्यापारियों की गलती सही करने के लिए वाणिज्य कर विभाग ने एक मौका दिया है। इसके तहत व्यापारियों को अपने खंड के कर निर्धारण अधिकारी को आवेदन करना होगा। कर निर्धारण अधिकारी ज्वाइंट कमिश्नर (कार्यपालक) के अनुमोदन के बाद गलती को ठीक कराएंगे। वाणिज्य कर कमिश्नर मुकेश कुमार मेश्राम ने इस संबंध में आदेश जारी कर दिया है। उन्होंने सभी जोन के एडिशनल कमिश्नर को एवं ज्वाइंट कमिश्नर को ऐसे आवेदनों का निस्तारण एक दिन के भीतर करने की हिदायत दी है।
विभाग की ओर से ई-रिटर्न अनिवार्य किए जाने के बाद काफी व्यापारियों को इसमें समस्या हुई। वित्तीय वर्ष 2014-15 में फॉर्म 52, 52ए एवं 52बी के जरिए वार्षिक ई-रिटर्न दाखिल करने वाले काफी व्यापारियों ने कर निर्धारण वर्ष का चयन गलत भर दिया। इसकी वजह से उन्हें मासिक और त्रैमासिक रिटर्न दाखिल करने में समस्या आ रही है। इस लेकर उत्तर प्रदेश उद्योग व्यापार कल्याण समिति के संयोजक पनामा समेत कई व्यापारिक एवं अधिवक्ता संगठनों ने वाणिज्य कर कमिश्नर को पत्र लिखा था, जिसमें इस समस्या को दूर करने की मांग की गई थी।
इसके बाद कमिश्नर ने व्यापारियों को राहत देने का आदेश जारी किया। कमिश्नर के आदेश के तहत कर निर्धारण वर्ष में गलत चयन की स्थिति में व्यापारी द्वारा संबंधित कर निर्धारण वर्ष में परिवर्तन के लिए आवेदन करना होगा। इस आवेदन के लिए कर निर्धारण अधिकारी को ज्वाइंट कमिश्नर (कार्यपालक) से अनुमोदन लेने कर स्पष्ट संस्तुति स्थानीय प्रशासक को भेजनी होगी। ज्वाइंट कमिश्नर (कारपोरेटर) स्तर के व्यापारियों के संबंध में जेसी सीधे संस्तुति स्थानीय प्रशासक को भेजेंगे। स्थानीय प्रशासक ऑनलाइन संबंधित व्यापारियों के वित्तीय वर्ष में रिटर्न की गई गलती का निराकरण करेंगे। कमिश्नर ने आदेश का सख्ती से पालन करने को भी कहा है।