जिला अस्पताल में बुखार का इलाज कराने आई एक महिला को पैथालॉजी कर्मियों ने बिना खून का नमूना लिए ही मलेरिया निगेटिव होने की जांच रिपोर्ट दे दी। मामले की शिकायत पर सीएमएस से की गई। सीएमएस ने जांच कराकर कार्रवाई का आश्वासन दिया है।
सरायअकिल की रेहाना को काफी दिनों सर्दी लगने के साथ ही बुखार की शिकायत थी। सात नवंबर को रेहाना इलाज के लिए जिला अस्पताल आई। चिकित्सक ने रेहाना को मलेरिया की जांच कराने के लिए कहा।
पर्चा लेकर रेहाना मलेरिया जांच के लिए गठित स्वास्थ्य विभाग के सेल में गई। वहां मौजूद लैब टेक्नीशियन ने पर्चा ले लिया। कुछ देर बाद रेहाना दोबारा पहुंची तो उसे मैनुअली (हाथ से लिखी) रिपोर्ट दी गई। रिपोर्ट में मलेरिया निगेटिव लिखा गया था।
रेहाना का कहना है कि टेक्नीशियन ने उसके खून का नमूना लिया ही नहीं और मलेरिया निगेटिव होने की रिपोर्ट दे दी। मामले की शिकायत सीएमएस डॉ. दीपक सेठ से किया गया है। सीएमएस का कहना है कि जिला अस्पताल की सारी जांच ऑन लाइन किया जाता है। रिपोर्ट कंप्यूटराइज्ड दी जाती है।
मलेरिया सेल के टेक्नीशियन के खिलाफ जांच करने के लिए वरिष्ठ चिकित्सक डॉ. सौभाग्य प्रकाश को कहा गया है। जांच रिपोर्ट आने के बाद दोषी के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।