एक तरफ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भर्तियों में धांधली को रोकने के लिए ग्रुप-डी की नियुक्तियों में भी इंटरव्यू हटाकर सिर्फ लिखित परीक्षा का प्रावधान कर दिया, वहीं भ्रष्टाचार के तमाम आरोपों से घिरे उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग (यूपीपीएससी) ने इस साल भी कई पदों पर केवल इंटरव्यू के माध्यम से सीधी भर्ती का निर्णय लिया है। इसके लिए आयोग ने इंटरव्यू का कार्यक्रम भी जारी कर दिया है जबकि प्रतियोगी सीएम को पत्र भेजकर मांग कर चुके हैं कि सीधी भर्तियां खत्म की जाएं और नियुक्तियां सिर्फ लिखित परीक्षा के माध्यम से हो।
यूपीपीएससी ने जिन पदों पर सीधी भर्ती के लिए इंटरव्यू का कार्यक्रम जारी किया है, उसके अनुसार प्रवक्ता हिंदी, राज्य शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद, इसकी इकाइयों और जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान के 76 पदों के लिए इंटरव्यू चार, पांच, छह, सात एवं आठ सितंबर को आयोजित किए जाएंगे। इसके अलावा प्रवक्ता संगीत (गायन) उच्च शिक्षा विभाग के तीन पदों के लिए इंटरव्यू चार सितंबर, प्रवक्ता भौतिकी (उच्च शिक्षा विभाग) के 10 पदों के लिए इंटरव्यू पांच, छह एवं सात सितंबर और उपक्रीड़ाधिकारी के एक पद के लिए इंटरव्यू आठ सितंबर को होगा। इसके विपरीत प्रतियोगी छात्र पूर्व की सपा सरकार और वर्तमान भाजपा सरकार को पत्र भेजकर मांग कर चुके हैं कि नियुक्तियों में भ्रष्टाचार खत्म करने के लिए आयोग में सीधी भर्तियां खत्म की जाएं और किसी भी पद पर नियुक्ति के लिए लिखित परीक्षा जरूर कराई जाए। पूर्व में प्रतियोगी छात्रों ने आयोग में भ्रष्टाचार के खिलाफ जितने आंदोलन किए, हर बार आंदोलन का एक मुद्दा सीधी भर्ती भी रही।
प्रतियोगी छात्र संघर्ष समिति के मीडिया प्रभारी अवनीश पांडेय का कहना है कि एक तरफ सरकार नियुक्तियों में भ्रष्टाचार खत्म करने के लिए सीधी भर्ती खत्म करने की बात कर रही है। वहीं, आयोग सीधी भर्ती के लिए इंटरव्यू के कार्यक्रम जारी कर रहा है। वैसे भी आयोग ने जिन पदों के लिए इंटरव्यू का कार्यक्रम घोषित किया है, उनसे नीचे की श्रेणी के अन्य पदों पर आयोग लिखित परीक्षा कराता है। साधी भर्ती में हमेशा धांधली की आशंका बनी रहती है। सुप्रीम कोर्ट ने भी अपने एक आदेश में कहा है कि सीधी भर्ती का आधार केवल साक्षात्कार नहीं हो सकता है। अवनीश का आरोप है कि सीधी भर्ती के लिए इंटरव्यू में मनमानी भी खूब होती है। पदों के सापेक्ष कभी 10 गुना तो कभी 20 गुना अभ्यर्थियों को बुलाया जाता है और मेरिट तब तक गिराई जाती है, जब तक कि चहेतों का चयन न हो जाए।