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राम मंदिर निर्माण को न बनाएं सत्ता की सीढ़ी

Sun, 12 Feb 2017 01:58 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद
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शंकराचार्य स्वरूपानंद सरस्वती - फोटो : pti
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 ज्योतिष एवं द्वारका शारदापीठाधीश्वर शंकराचार्य स्वामी स्वरूपानंद सरस्वती ने कहा है कि अयोध्या में राम जन्म भूमि पर मंदिर निर्माण का रास्ता साफ है। अब तीन टुकड़ों में बंटी भूमि के बारे में अदालत के निर्णय की प्रतीक्षा है। कोर्ट का निर्णय आते ही मंदिर निर्माण शुरू हो जाएगा।
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उन्होंने नाम लिए बगैर भाजपा और विश्व हिन्दू परिषद को नसीहत दी। कहा, राजनीतिक दल, राम मंदिर निर्माण को सत्ता की सीढ़ी न बनाएं। रामजन्म भूमि सिर्फ हिन्दुओं की है। वहां कभी कोई मस्जिद थी ही नहीं। ऐसे में मुसलमानों से मंदिर निर्माण के लिए सहयोग का कोई औचित्य ही नहीं है। जिस तरह हम इलाहाबाद आए हैं, वैसे ही रामजन्म भूमि स्थल को देखने भी जाएंगे। शनिवार को देर रात इलाहाबाद पहुंचे शंकराचार्य स्वामी स्वरूपानंद ने ‘अमर उजाला’ से बातचीत में नोटबंदी पर भी चुटकी ली। कहा, मगरमच्छ को मारने के लिए तालाब ही सुखा दिया गया। मगरमच्छ भाग गया लेकिन अब मछलियां मर रही हैं। देशवासियों को हिंदू राज्य नहीं रामराज्य चाहिए। देश में रहने वाला हर कोई समान है। सभी को न्याय मिलने में भेदभाव नहीं होना चाहिए।

ज्योतिष एवं द्वारका शारदापीठाधीश्वर शंकराचार्य स्वामी स्वरूपानंद सरस्वती के इलाहाबाद पहुंचने पर अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष महंत नरेंद्र गिरि की अगुवाई में उनका भव्य स्वागत किया गया। अंदावा पहुंचने पर मनकामेश्वर मंदिर के व्यवस्थापक स्वामी श्रीधरानंद ब्रह्मचारी, आचार्य कुशमुनि सहित अन्य शिष्यों, भक्तों ने स्वागत किया। मनकामेश्वर मंदिर पहुंचने पर आचार्य पुरोहितों ने वेदमंत्रों से आरती उतारी। इससे पहले वह वाराणसी स्थित श्रीविद्यामठ से दोपहर एक बजे चलकर अजोराधाम, गोपीगंज पहुंचे, जहां उनका भव्य स्वागत एवं पादुका पूजन हुआ। शंकराचार्य जी सोमवार को स्पेशल सैलून से जबलपुर के लिए रवाना हो जाएंगे।
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