अपने नई झूंसी स्थित शिव गंगा आश्रम में भक्तों को संबोधित करते पुरी शंकराचार्य स्वामी निश्चलानंद
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कठिन परिस्थितियां मनुष्य की परीक्षा लेती हैं, लेकिन ऐसे समय में भी धर्म का मार्ग नहीं छोड़ना चाहिए। धर्म और शास्त्र सम्मत आचरण ही मनुष्य के जीवन को सही दिशा देते हैं। उक्त बातें पुरी पीठाधीश्वर जगद्गुरु शंकराचार्य स्वामी निश्चलानंद सरस्वती जी महाराज ने बुधवार को नई झूंसी स्थित शिवगंगा आश्रम में आयोजित संगोष्ठी में श्रद्धालुओं को संबोधित करते हुए कही।
उन्होंने कहा कि आधुनिकता की दौड़ में युवा पीढ़ी अपनी प्राचीन संस्कृति और परंपराओं से दूर होती जा रही है। इसका प्रभाव केवल व्यक्ति तक सीमित नहीं है, बल्कि परिवार और समाज के संस्कारों पर भी पड़ रहा है। युवा देश की सबसे बड़ी शक्ति हैं। यदि उनकी बुद्धि, प्रतिभा और ऊर्जा सही दिशा में लगे तो समाज और राष्ट्र के विकास को नई गति मिल सकती है।