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शस्त्र लाइसेंस की अर्जी समय से निस्तारित न करने पर डीएम अदा करेंगे हर्जाना : हाईकोर्ट

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इलाहाबाद हाईकोट ने शस्त्र लाइसेंस के प्रार्थना पत्र पर निर्धारित अवधि में निस्तारण न किए जाने पर जिलाधिकारी प्रयागराज के वेतन से 100 रुपये प्रतिदिन के हिसाब से कटौती कर याची की हर्जाने के रूप में अदा करने का आदेश दिया है। साथ ही सरकार को आदेश दिया कि शस्त्र लाइसेंस के प्रार्थना पत्रों के समयबद्ध निस्तारण के लिए विस्तृत दिशा निर्देश जारी करें। यह आदेश न्यायमूर्ति विक्रम डी चौहान की अदालत ने पवन कुमार सिंह की याचिका पर दिया है।
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कोर्ट ने कहा कि शस्त्र लाइसेंस के मामलों का भारी मात्रा में आना अधिकारियों की मनमानी और लापरवाही पूर्ण कार्यपद्धति का द्योतक है। कोर्ट ने जिलाधिकारी प्रयागराज को शस्त्र लाइसेंस की अर्जी पर तीन माह में निर्णय लेने का निर्देश दिया। साथ ही कहा कि यदि इस आदेश का पालन निर्धारित अवधि में नहीं किया जाता तो डीएम सौ रुपये प्रतिदिन के हिसाब से याची को हर्जाना अदा करेंगे। यह हर्जाना डीएम या जवाबदेह अधिकारी के वेतन से अदा किया जाएगा। मामले में याची के अधिवक्ता ने दलील दी कि शस्त्र लाइसेंस याची के पिता के नाम था। उनकी मृत्यु के बाद याची ने 2023 में अर्जी दाखिल कर लाइसेंस अपने नाम जारी करने का प्रार्थना पत्र दिया, लेकिन उस पर अब तक कोई आदेश पारित नहीं किया गया। इस पर कोर्ट ने कहा कि ऐसे तमाम मामले सामने आ रहे हैं, जिसमें लाइसेंसिंग प्राधिकारी समयबद्ध तरीके से अर्जी का निस्तारण नहीं करते।
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