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कंपोजिट फीस के विरोध में डीएम कार्यालय का घेराव

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प्रयागराज। निजी स्कूलों की ओर से शासनादेश के बावजूद मनमानी फीस वसूली जारी होने से नाराज अधिवक्ताओं और अभिभावकों ने शुक्रवार को डीएम कार्यालय का घेराव किया। अभिभावकों ने ज्ञापन सौंपकर आरोप लगाया कि कंपोजिट फीस की आड़ में निजी स्कूल ट्यूशन फीस से ज्यादा की वसूली कर रहे हैं। महामारी के कारण आर्थिक संकट से जूझ रहे कई अभिभावक अब तक फीस नहीं जमा कर पाएं हैं। वहीं डीएम की अनुपस्थिति में एडीएम सिटी ने ज्ञापन लिया। उन्होंने डीआईओएस और बीएसए से निजी स्कूलों द्वारा ली जा रही कंपोजिट फीस का विवरण मांगा और मौजूदा लोगों को दो दिनों में उचित कार्रवाई का आश्वासन दिया है।
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जिला अधिवक्ता संघ के पूर्व मंत्री राकेश कुमार दुबे ने बताया कि सुबह बड़ी संख्या में अधिवक्ता और अभिभावक जिला अधिवक्ता संघ के अध्यक्ष राधारमण मिश्रा के मार्गदर्शन और अधिवक्ता प्रशांत शुक्ला की अध्यक्षता में डीएम कार्यालय पहुंचे और घेराव किया। अधिवक्ताओं ने कहा कि शासन की ओर से क्रीड़ा, विज्ञान, कंप्यूटर, लाइब्रेरी, लैब, परीक्षा शुल्क, वार्षिक उत्सव शुल्क एवं परिवहन शुल्क आदि को कंपोजिट फीस से बाहर रखने के आदेश के बाद भी स्कूल मनमानी फीस वसूल रहे हैं, जबकि उन्हें सिर्फ ट्यूशन फीस लेनी चाहिए।
डीएम की अनुपस्थिति में एडीएम सिटी अशोक कुमार कनौजिया को ज्ञापन सौंपा गया। बताया, मौके पर ही एडीएम सिटी ने डीआईओएस एवं बीएसए से टेलीफोन पर वार्ता की और निर्देश दिया की जिले के सभी निजी /स्वतंत्र विद्यालयों के प्रबंधकों एवं प्रबंधन कमेटी से संपर्क करके शिक्षण शुल्क के नाम पर ली जा रही कंपोजिट फीस का विवरण उपलब्ध कराएं। एसडीएम ने आश्वस्त किया फीस वसूली में शासनादेश का पालन न करने वाले निजी स्कूलों के खिलाफ दो दिन के अंदर कार्रवाई की जाएगी।
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इस दौरान पूर्व मंत्री राकेश दुबे ने चेताया कि यदि एक सप्ताह के अंदर निजी स्कूलों द्वारा कंपोजिट फीस के नाम पर धन उगाही का सिलसिला बंद नहीं हुआ तो व्यापक आंदोलन किया जाएगा। ज्ञापन देने वाले प्रतिनिधिमंडल में दिनेश कुमार मिश्रा, दिलीप कुमार यादव, आमोद त्रिपाठी, जितेंद्र सिंह, धर्मेंद्र मिश्रा, नूर अहमद, सुनील मिश्रा, जितेंद्र नायक, वरुण शुक्ल आदि के साथ सैकड़ों की संख्या में अभिभावक एवं अधिवक्ता लोग उपस्थित थे।
कंपोजिट फीस के नाम पर खेल
प्रदेश सरकार की ओर से 2018 में फीस रेगुलेशन लागू किए जाने के बाद जिले के अधिकांश स्कूलों ने फीस रसीद में दिया जाने वाला अलग-अलग मदों का विवरण हटाकर उसे कंपोजिट फीस का नाम दे दिया। कंपोजिट फीस में यह पता नहीं चलता कि स्कूल बच्चे से क्रीडा, विज्ञान, कंप्यूटर, लाइब्रेरी, लैब, परीक्षा शुल्क, वार्षिक उत्सव शुल्क एवं परिवहन शुल्क वसूल रहा है कि नहीं। अभिभावकों की ओर से स्कूलों से कंपोजिट फीस का विवरण मांगा गया तो उनका कहना है कि यह मात्र शिक्षण शुल्क है। अभिभावकों ने नए जिलाधिकारी से कंपोजिट फीस में शामिल दूसरी फीस का विवरण जारी करवाने की मांग की है।
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