ऐसे में थोड़े से उपायों से लोग इस दिवाली पर अपने जीवन को वैभवशाली और समृद्धशाली बना सकते हैं। ताकि पूरा वर्ष बाधा रहित और सुखमय बना रहे। वह बताती हैं कि सकारात्मक ऊर्जा से भरे इस योग में किसी भी नए कार्य की शुरुआत की जा सकती है। खासतौर से भूमि, भवन, वाहन की खरीद के साथ ही न उद्यम का श्रीगणेश भी इस योग में सफलता देने वाला होगा।
इस योग में नए कार्य की शुरुआत शुभ मुहूर्त में करने से सफलता निश्चित मिलती है। इसी तरह ज्योतिषाचार्य पं ब्रजेंद्र मिश्र के मुताबिक वर्षों बाद अमावस्या से छह दिन पहले से ही सर्वार्थसिद्धि योग इस दिवाली के पंच पर्व पर चार चांद लगाएगा। धन तेरस के दिन सर्वार्थ सिद्धि के साथ कुंभ योग की जुगलबंदी खास होगी। इसी तरह 13 नवंबर को सर्वार्थ सिद्धि और अमृतसिद्धि के साथ प्रीति योग फिर 14 को दिवाली पर भी सर्वसिद्धि के साथ आयुष्मान और फिर शोभन योग मिलेगा।