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Prayagraj News: कुंभ के कार्यों में गड़बड़ी अफसरों पर पड़ेगी भारी, प्रमुख सचिव सख्त

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लोक निर्माण राज्य मंत्री बृजेश सिंह के आगमन से पहले रविवार को प्रमुख सचिव अजय चौहान ने महाकुंभ की परियोजनाओं की समीक्षा के दौरान अफसरों से सड़कों, पुलों और अस्थायी कार्यों की स्थिति की जानकारी ली। इस दौरान पांटून पुलों के लिए लकड़ी की आपूर्ति के लिए कराए टेंडर पर विवादों की स्थिति से उन्हें अवगत कराया गया। प्रमुख सचिव ने चेताया कि गुणवत्ता में कमी किसी भी दशा में बर्दाश्त नहीं की जाएगी। कार्यों में किसी भी तरह की गड़बड़ी पाई गई तो जिम्मेदार अफसर नपेंगे।
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प्रमुख सचिव अजय चौहान ने देर शाम सर्किट हाउस में लोक निर्माण विभाग के कार्यों की समीक्षा की। इस दौरान महाकुंभ के तहत बनने वाली सड़कों की गुणवत्ता में पाई गई कमियों को दूर करने के लिए अब तक किए गए प्रयासों के बारे में भी उन्होंने पूछा। अभियंताओं ने बताया कि जहां मानक में कमी की बात सामने आई थी, उसे ठीक करा लिया गया है। झूंसी-गारापुर मार्ग के चौड़ीकरण के अलावा बड़गांव बागी -मऊआइमा मार्ग, गारापुर सिकंदरा-बहरिया-दांदूपुर मार्ग के चौड़ीकरण में गड़बड़ी की शिकायत मिली थी।
सेतु निगम की ओर से बनाए जा रहे अलोपीबाग फ्लाईओवर, चौफटका आरओबी के अलावा अन्य सेतु परियोजनाओं के लिए सेना से एनओसी लिए जाने की स्थिति से लेकर भूमि अधिग्रहण में आने वाली दिक्कतों के बारे में भी उन्होंने जाना। इस दौरान अफसरों ने अस्थायी कार्यों में कार्यशाला में 1645 पांटूनों के निर्माण में 70 फीसदी काम पूरा होने की जानकारी दी गई। साथ ही दूसरे चरण में छह सौ पांटून और बनाने का काम शुरू किए जाने के बारे में अवगत कराया गया।
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इनसेट
महाकुंभ की सड़कों के बाद पांटून कार्यशाला भी जा सकते हैं मंत्री
लोक निर्माण राज्य मंत्री बृजेश सिंह सोमवार को दिन के 11 से 1:30 बजे तक सर्किट हाउस में महाकुंभ के कार्यों की समीक्षा करेंगे। इस दौरान स्थायी और अस्थायी कार्यों के प्रगति क समीक्षा की जाएगी। मंत्री समीक्षा बैठक के बाद महाकुंभ की सड़कों की गुणवत्ता देखने के लिए भी जाएंगे।
साल स्लीपर आपूर्ति पर खींचतान की भी मंत्री लेंगे जानकारी
प्रयागराज। पांटून पुलों के लिए साल स्लीपर की आपूर्ति के विवादों के बीच खींचतान की भी मंत्री जानकारी लेंगे। इस मामले को लेकर अरुणाचल वन निगम से जुड़ी एक फर्म ने हाईकोर्ट की शरण ली है। इससे पहले वित्तीय और प्रशासनिक स्वीकृति के बिना आपूर्ति का आर्डर जारी किए जाने पर एक्सईएन के निलंबित किया जा चुका है। इस बीच बीते 15 जून को कराई गई निविदा में हिस्सा लेने वाली रायपुर की फर्मों के पास पर्याप्त लकड़ी का भंडारण न होने की शिकायत की जांच शुरू होने के बाद पीडब्ल्यूडी के अभियंताओं के माथ पर फिर बल पड़ गए हैं। इस पूरे घटनाक्रम से भी पीडब्ल्यूडी मंत्री अवगत होंगे। साथ ही समय से साल स्लीपर की सप्लाई शुरू हो सके और काम बाधित न होने पाए, इन उपायों पर भी विचार किए जाने की उम्मीद है।
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