प्रधानमंत्री राज्यपाल और मुख्यमंत्री का एयरपोर्ट पर स्वागत करने वालों में जिला पंचायत सदस्य रेखा सिंह भी शामिल रहीं। हालांकि उन्हें जिला पंचायत की मुखिया के तौर पर यह मौका मिला लेकिन सत्ता दल को छोड़कर अन्य पार्टी के विधायकों की अनदेखी के बीच रेखा सिंह के एयरपोर्ट पहुंचने को लेकर अटकलों का बाजार गर्म हो गया है। बदले राजनीतिक हालात में उनके सपा छोड़कर भाजपा में शामिल होने की भी चर्चा शुरू हो गई है। कौशाम्बी के जिला पंचायत अध्यक्ष के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव रखे जाने के बाद इस तरह की आशंकाओं को और बल मिला है।
एक चलन सा चल गया है कि सूबे में सरकार बलदने के साथ जिला पंचायत अध्यक्ष की भी कुर्सी डगमगाने लगती है। अविश्वास प्रस्ताव के माध्यम से यह कुर्सी भी सत्ता पक्ष के खाते में चली जाती है। सपा की रेखा सिंह और बसपा से अध्यक्ष चुनी गईं केशरी देवी पटेल को बीच में कुर्सी गंवानी पड़ चुकी हैं। अब प्रदेश में भाजपा की सरकार बनने के बाद कौशाम्बी से इसकी शुरुआत इस बार भी हो गई है। कौशाम्बी में जिला पंचायत सदस्य ने अध्यक्ष के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव रखा है। अब 22 अप्रैल को उन्हें इसके पक्ष में समर्थन साबित करना होगा। इन सब के बीच रेखा सिंह का एयरपोर्ट पहुंचना चर्चा में आ गया है। स्वागत के साथ प्रधानमंत्री तथा अन्य अतिथियों को छोड़ने वाले माननीयों में भी वह शामिल रही। खास यह कि जिला पंचायत अध्यक्ष ने पहली बार प्रधानमंत्री का स्वागत किया और विदाई दी। जिला प्रशासन की ओर से तैयार सूची में उनका नाम आखिर में जोड़ा गया है, जिसे लेकर उनके भाजपा में जाने की अटकलें शुरू हो गई हैं।
सोरांव से अपना दल के विधायक डॉ.जमुना प्रसाद को हाईकोर्ट के समारोह में शामिल होने के लिए प्रवेश नहीं मिला। उन्हें एक से दूसरे गेट तक टहलाया जाता रहा। इससे नाराज डॉ.प्रसाद ने गृह मंत्रायल से इसकी शिकायत की बात कही। हालांकि बाद में आमंत्रण मिला कि उन्हें एयरपोर्ट पर मुख्यमंत्री के साथ भोजन करना है लेकिन आहत डॉ.प्रसाद ने इस आमंत्रण को भी अस्वीकार कर दिया।
हाईकोर्ट के समारोह में शामिल होने की अनुमति नहीं मिलने पर अधिवक्ताओं नाराजगी दिखाई। हाईकोर्ट के बाहर रोके जाने पर उन्होंने प्रदर्शन भी किया।