प्रयागराज। कोविड-19 की अधिक से अधिक जांच सुनिश्चित करने के लिए अब चिकित्सकों और नर्सिंग होम पर भी शिकंजा कसने लगा है। बुखार आदि से पीड़ित मरीज की बिना कोविड जांच के इलाज करने वाले डॉक्टरों के खिलाफ कार्रवाई का आदेश दिया गया है। ऐसे डॉक्टरों की सूची तैयार करने के लिए अस्पतालों में भर्ती मरीजों से पूछताछ भी शुरू कर दी गई है। लक्षण होने के बावजूद लोग कोविड की जांच से बच रहे हैं। प्रशासन और चिकित्सीय टीम को इस तरह की कई शिकायतें मिली हैं। प्रशासन को यह भी शिकायत मिली है कि कई नर्सिंग होम और क्लीनिक में मरीजों का बिना जांच के इलाज किया जा रहा है। मरीज की हालत बिगड़ने पर उन्हें एसआरएन रेफर कर दिया जा रहा है।
खास यह कि 69 अस्पतालों में एंटीजेन किट भी उपलब्ध कराई गई है ताकि, अस्पताल में आने वाले हर संदिग्ध मरीज की जांच कराई जा सके। इसके बावजूद निजी अस्पतालों में मरीजों की जांच नहीं की जा रही है। इस पर प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। सभी निजी अस्पतालों तथा क्लीनिक से इलाज के लिए आने वाले सभी मरीजों और उनकी कोविड जांच की बाबात जानकारी मांगी गई है।
यह रिपोर्ट रोजाना देनी है। इसके अलावा निरीक्षण के लिए टीम भी बनाई गई है, जो मरीजों से पूछताछ कर पूरी जानकारी एकत्रित करेगी। इसी क्रम में सरकारी कोविड अस्पताल में आने वाले मरीजों से भी पूरी जानकारी ली जाएगी कि उन्होंने कब और कहां-कहां इलाज कराया। डीएम भानु चंद्र गोस्वामी ने बताया कि बिना जांच इलाज करने वाले डॉक्टरों की सूची तैयार की जा रही है। उनसे स्पष्टीकरण मांगे जाने के साथ अन्य कार्रवाई भी की जाएगी। एक अस्पताल को नोटिस भेजा भी गया है। उनका कहना है कि कोविड के हर संक्रमित की पहचान और उनका समय से इलाज ही प्राथमिकता है।