दुकानदारों ने जूनियर डॉक्टर पर लगाया जबरन सामान लेकर गाड़ी में रखने का आरोप।
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रविवार को विवाद उस समय फिर बढ़ गया जब डॉक्टर ने पोस्टमार्टम हाउस पर ताला लगा दिया। मौके पर पहुंची पुलिस ने आरोपी डॉक्टर को हिरासत में ले लिया है। बताया जाता है कि डॉक्टर दुकानदारों से मनमानी वसूली करता है। इसकी शिकायत जिला प्रशासन से भी कई बार की जा चुकी है।
वहां मर्चरी में तैनात कर्मचारियों व अधिकारियों की ओर से एक तहरीर भी दी गई। हालांकि शाम तक आरोपी के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की गई थी। कोतवाली पुलिस तो उसे हिरासत में लेने की बात से भी इनकार करती रही। इंस्पेक्टर अवनेंद्र सिंह से बात की गई तो उन्होंने कहा कि किसी को थाने नहीं लाया गया है। ना ही किसी तरह की कोई तहरीर उन्हें मिली है।
सीनियर डॉक्टर के पर्स से चुराए थे पैसे
जिस जूनियर डॉक्टर पर रविवार को पोस्टमार्टम हाउस में हंगामा करने का आरोप लगा है, वह पहले भी विवादों में घिर चुका है। एक दिन पहले एसआरएन अस्पताल के दुकानदारों से उसका विवाद हुआ था। दुकानदारों ने आरोप लगाया था डॉक्टर जबरन वसूली करता है। रुपये ना देने पर तरह-तरह से प्रताड़ित करता है और दुकान हटवाने की धमकी देता है। दुकानदारों ने इस संबंध में एक वीडियो भी बना कर सोशल मीडिया पर डाला। इसके अलावा नौ मई को भी इस जूनियर डॉक्टर के खिलाफ एक प्रार्थना पत्र एसआरएन चौकी में दिया गया था।
पोस्टमार्टम हाउस में तैनात एक डॉक्टर ने ही उसके खिलाफ पर्स से रुपये चोरी करने के आरोप में शिकायत की थी। आरोप लगाया था कि जूनियर डॉक्टर उसकी गाड़ी मांग कर ले गया था। पोस्टमार्टम संबंधी कार्य संपन्न करने के बाद जब वह घर जाने के लिए गाड़ी में बैठे तो वह उसमें रखे उनके पर्स से दो हजार रुपये गायब थे। पूछने पर पहले तो डॉक्टर ना-नुकुर करता रहा। हालांकि जब उन्होंने पुलिस से शिकायत की बात कही तो उसने रुपये वापस कर दिए थे।