इलाहाबाद(ब्यूरो)। ऑडिट आपत्तियों का निस्तारण समय न होने पर कमिश्नर ने गंभीर रुख अख्तियार करते हुए कई अफसरों के खिलाफ कार्रवाई की है। प्रतापगढ़ के जिलाधिकारी को खेद पत्र जारी करने के साथ वहां के एसडीएम और एडीएम वित्त एवं राजस्व को प्रतिकूल प्रविष्टि जारी की है। साथ ही मुख्य राजस्व अधिकारी से स्पष्टीकरण तलब किया है। यह कार्रवाई उन्होंने शुक्रवार को ऑडिट आपत्तियों की मंडलीय समीक्षा बैठक में की।
कमिश्नर राजन शुक्ला ने मेजा के तहसीलदार एवं नायब तहसीलदार से भी स्पष्टीकरण तलब कर लिया। बैठक में प्रतापगढ़ के किसी भी तहसीलदार के उपस्थित न होने पर कमिश्नर ने वहां के सभी तहसीलदारों को प्रतिकूल प्रविष्टि जारी की। साथ ही संबंधित अफसरों को तहसीलदारों के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई के निर्देश दिए। सोरांव तहसीलदार के खराब प्रदर्शन पर चेतावनी दी और नायब नाजिर सोरांव को गलत बयानी के लिये फटकार लगाई। आडिट आपत्तियों के संबंध में एकरूपता न होने पर कमिश्नर ने 27 सितंबर तक जिलाधिकारियों को आडिट आपत्तियों की प्रस्तरवार आख्या देने के निर्देश दिए। उन्होंनेे कहा कि अधिकारियों के वार्षिक प्रविष्टि मूल्यांकन में आडिट आपत्तियों के निस्तारण की प्रगति को भी देखा जाएगा। आपत्तियों के निस्तारण में अच्छा प्रदर्शन करने पर उन्होंने कौशाम्बी एवं फतेहपुर की सराहना की। साथ ही अन्य जनपदों को इनसे सीख लेकर अवशेष पड़ी आडिट आपत्तियों का निस्तारण शीघ्रता से करने के निर्देश दिए।