आपराधिक अतिचार के आरोप में कार्रवाई से पहले नोटिस देना अनिवार्य
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने कहा है कि आपराधिक अतिचार के मामले में आरोपी के खिलाफ कार्रवाई से पहले उसे नोटिस देना अनिवार्य है। इसके बिना भारतीय दंड संहिता की धारा-447 के तहत की गई कार्यवाही कानूनन सही नहीं है। इस टिप्पणी के साथ न्यायमूर्ति सौरभ श्रीवास्तव की अदालत ने आरोपी नेब्बू लाल उर्फ किशोरी लाल के खिलाफ ट्रायल कोर्ट में लंबित आपराधिक कार्यवाही रद्द कर दी। जबकि, अन्य धाराओं में मुकदमा जारी रखने की अनुमति दी है।
मामला प्रयागराज के मांडा थाना क्षेत्र का है। याची व अन्य के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई गई। शिकायतकर्ता का आरोप था कि मकान पर कब्जा करने की नीयत से याची ने जबरन प्रवेश किया गया। पुलिस ने आरोप पत्र दाखिल किया, जिस पर ट्रायल कोर्ट ने समन जारी किया था। इसके खिलाफ याची ने हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया है।