हाईकोर्ट प्रशासन ने इसके पूर्व फैजाबाद में तैनात एक डीजे को जेसीबी के सामने प्रदर्शन करने पर कदाचार का दोषी मानते हुए उन्हें इसके लिए निलंबित कर दिया था। इसके अलावा एक रेस्तरां में 11 ट्रेनी न्यायिक अफसरों की ओर से मारपीट तथा तोड़फोड़ करने पर उन्हें सेवा से निलंबित किया गया था। हाईकोर्ट प्रशासन की यह कार्रवाई न्यायिक अफसरों के इतर न्यायिक व्यवस्था से जुड़े कर्मचारियों के खिलाफ भी हुई है।
हाईकोर्ट प्रशासन मंगलवार को ही नौकरी दिलाने के नाम पर घूस लेने वाली सेक्शन अफसर कुसुम मिश्रा की सेवा समाप्त कर चुका है। हाईकोर्ट प्रशासन की इस कार्रवाई पर इलाहाबाद हाईकोर्ट बार एसोसिएशन के पूर्व अध्यक्ष राकेश पांडे और अमरेंद्र नाथ सिंह कहते हैं, ऐसी कार्रवाइयों से निश्चित ही न्यायिक व्यवस्था में नया बदलाव आएगा और उसे कमजोर करने वाली कड़ियां टूट जाएंगी।
हाई कोर्ट बार एसोसिएशन के महासचिव एसडी सिंह जादौन कहते हैं, यह कार्रवाई न्याय व्यवस्था को कमजोर करने वालों के लिए कड़ा संदेश है। भ्रष्टाचार में लिप्त लोगों को यह नहीं लगना चाहिए ति उन पर निगाह नहीं है। हाईकोर्ट प्रशासन ने जता दिया है कि भ्रष्टाचार कदाचार सहित न्याय व्यवस्था को कमजोर करने वाली गतिविधियां बर्दाश्त नहीं की जाएंगी।