कोर्ट के आदेश की अवहेलना करने पर इलाहाबाद हाईकोर्ट ने निदेशक जनगणना निदेशालय लखनऊ को तलब कर लिया है। उनको 18 मार्च को अदालत में हाजिर होने का निर्देश दिया है। कोर्ट ने मथुरा निवासी प्रकाश चंद्र अग्रवाल की याचिका पर डायरेक्टर को व्यक्तिगत हलफनामा दाखिल कर बताने को कहा था कि 2013-14 में जिन लोगों ने बायोमेट्रिक आधार कार्ड के लिए कार्य किया है, उन्हें मानदेय का भुगतान किया गया है या नहीं। हलफनामा नहीं दाखिल किया गया तो कोर्ट ने सख्त रुख अपनाया है। मामले की सुनवाई न्यायमूर्ति अशोक कुमार कर रहे हैं।
सहायक निदेशक ने हलफनामा दाखिल कर बताया कि 18 जिलों के लिए 51 लाख 82 हजार आवंटित किए गए थे, जिसमें मथुरा नगर पालिका के लिए दो लाख 16 हजार का भुगतान बताया गया है। जबकि, डीएम मथुरा के हलफनामे में विशेष सचिव के 30 मार्च 18 के पत्र के हवाले से कहा गया है कि 18 जिलों के लिए 29 लाख 56 हजार रुपये दिए गए थे, जिसमें मथुरा नगरपालिका के लिए एक लाख 95 हजार का भुगतान किया गया है। दोनों हलफनामों में 22 लाख 26 हजार का अंतर है। कोर्ट ने इसी मामले में जवाब मांगा था।