प्रयागराज पहुंचने पर अतिथियों का स्वागत किया गया
- फोटो : अमर उजाला
महाकुंभ 2025 में शनिवार को विभिन्न देशों के राजनयिकों व विदेशी अतिथियों का आगमन हुआ। महाकुंभ पहुंचे 77 देशों के मिशन प्रमुखों (एचओएम), एचओएम के जीवनसाथी और राजनयिकों सहित 118 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल दिव्य-भव्य, नव्य महाकुंभ को देख अभिभूत हो उठा। इन अतिथियों ने कहा कि महाकुंभ भारतीय संस्कृति व धरोहर को दर्शाता है। प्रयागराज पहुंचकर इन लोगों ने खुद को सौभाग्यशाली बताया। इन अतिथियों ने योगी सरकार व विदेश मंत्रालय द्वारा राजनयिकों के लिए इस यात्रा की व्यवस्था पर खुशी भी जताई। वहीं, प्रयागराज पहुंचने पर अतिथियों का स्वागत किया गया।
'बहुत ही खास आयोजन है महाकुंभ'
'मुझे बहुत खुशी है कि राज्य सरकार और विदेश मंत्रालय राजनयिकों के लिए इस यात्रा की व्यवस्था कर रहा है। महाकुंभ मेला बहुत ही खास आयोजन है, खासकर इस साल। इसलिए मैं हिंदू संस्कृति को समझने के लिए वहां जाने को उत्सुक हूं।' -
केइची ओनो, भारत में जापान के राजदूत
'परंपराओं का पालन कर हूं खुश'
'मैं इस महत्वपूर्ण समारोह में भाग लेकर प्रसन्न हूं। यहां की परंपराओं का पालन करके बहुत खुशी भी हो रही है।'
- मारियानो काउचिनो, भारत में अर्जेंटीना के राजदूत
'महाकुंभ के वातावरण का लूंगी आनंद'
'मैं कई वर्षों से भारत से जुड़ी हुई हूं। मैं हमेशा यहां आना चाहती थी, लेकिन कभी भी किसी कुम्भ में जाने का अवसर नहीं मिला। आज यह खास और शुभ महाकुम्भ का समय है, यह सौभाग्य है कि मैं भारत में हूं। मैं यहां के वातावरण का आनंद लूंगी। यह दृश्य मेरी आँखों और आत्मा के लिए गौरवान्वित करने वाला है। मैं यहां पवित्र स्नान करूंगी। यह निश्चित रूप से भारतीय धरोहर और संस्कृति को दर्शाता है, जिस पर गर्व होना चाहिए।' -
डायना मिकेविकिएने, भारत में लिथुआनिया की राजदूत