पूर्व सांसद अतीक अहमद की रिमांड नामंजूर किए जाने के मामले में दाखिल निगरानी पर स्पेशल कोर्ट एमपी एमएलए ने सुनवाई शुरू कर दी है। कोर्ट ने अभियोजन को निगरानी से संबंधित कागजात दाखिल करने का आदेश दिया है। मामले की अगली सुनवाई दो मार्च को होगी। यह आदेश स्पेशल कोर्ट के जज आलोक कुमार श्रीवास्तव ने अभियोजन को सुन कर दिया है।
डीजीसी जीसी अग्रहरि ने बताया कि अधीनस्थ न्यायालय ने अतीक अहमद के धूमनगंज थाने से संबंधित नौ आपराधिक मामलों में रिमांड अस्वीकार कर दी थी। जिसके आदेश के खिलाफ अभियोजन द्वारा निगरानी प्रस्तुत की गई है। निगरानी की सुनवाई विशेष न्यायालय एमपी एमएलए कर रही है। बृहस्पतिवार को हुई सुनवाई में न्यायालय ने अभियोजन से कहा है की सात मई 2020 के आदेश का आधार निगरानी में लिया गया है, लेकिन आदेश की प्रति दाखिल नहीं की गई है। कोर्ट ने अभियोजन को आदेश की प्रति दाखिल करने का निर्देश दिया है।
जिला न्यायालय ने बैटरी रिक्शा चालक का अपहरण करने में आरोपी लेखपाल महेश मिश्रा, मनीष यादव, कमलाकर सिंह और नवीन सोनकर की जमानत अर्जी मंजूर कर ली है। यह आदेश अपर जिला जज संजय कुमार शुक्ला ने बचाव पक्ष के अधिवक्ता शीतला प्रसाद मिश्र, प्रमोद कुमार सिंह व लल्लन यादव व अन्य अधिवक्ताओं को सुनने के बाद दिया है ।
घटना 19 फरवरी 2021 की जार्जटाउन थाने की है। थाने में प्रथम सूचना रिपोर्ट दर्ज कराई गई थी कि बैटरी रिक्शा चालक सालिम सरस्वती अस्पताल चौराहा पहुंचा तो मारुति कार में टक्कर हो गई थी। आरोप है कि कार में सवार चार लोगों ने सालिम को जबरदस्ती गाड़ी में बैठा लिया। पुलिस ने गाड़ी नंबर के आधार पर जब कार सवार को पकड़ा तो पता चला कि यह चारों अभियुक्त कौशांबी में लेखपाल के पद पर कार्यरत हैं। पुलिस ने मुकदमा कायम करके चारों अभियुक्तों को जेल भेज दिया था। बाद में वादी मुकदमा एवं सालिम ने वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक के समक्ष प्रस्तुत होकर शपथ पत्र दे दिया कि वह इन लोगों के साथ स्वेच्छा से गया था, उसका अपहरण नहीं किया गया था ।