फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Digital Arrest case : कानपुर, कोयंबटूर समेत अन्य शहरों में ट्रांसफर हुए व्यवसायी के 50.18 लाख रुपये

Sun, 30 Nov 2025 02:55 PM IST
विनोद सिंह अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज

सार

जांच में पता चला है कि शातिरों के कहने पर व्यवसायी ने सबसे पहले कानपुर के काकादेव स्थित कोटक महिंद्रा बैंक में रुपये ट्रांसफर किए। इसके बाद हैदराबाद के हुमायूं नगर स्थित एक्सिस बैंक फिर तमिलनाडु के कोयंबटूर स्थित बैंक ऑफ इंडिया और गुजरात के जामनगर में इंडियन ओवरसीज बैंक में रुपये ट्रांसफर करवाए गए।
विज्ञापन
डिजिटल अरेस्ट। - फोटो : अमर उजाला नेटवर्क
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

मुट्ठीगंज के 74 वर्षीय बुजुर्ग व्यवसायी को डिजिटल अरेस्ट कर 50.18 लाख रुपये की ठगी के मामले में साइबर पुलिस को अहम सुराग मिला है। जांच में पता चला है कि ठगी की रकम को शातिरों ने कानपुर के काकादेव, हैदराबाद के हुमायूं नगर, तमिलनाडु के कोयंबटूर और गुजरात के जामनगर स्थित बैंक शाखाओं में ट्रांसफर करवाया है।

विज्ञापन


जांच में पता चला है कि शातिरों के कहने पर व्यवसायी ने सबसे पहले कानपुर के काकादेव स्थित कोटक महिंद्रा बैंक में रुपये ट्रांसफर किए। इसके बाद हैदराबाद के हुमायूं नगर स्थित एक्सिस बैंक फिर तमिलनाडु के कोयंबटूर स्थित बैंक ऑफ इंडिया और गुजरात के जामनगर में इंडियन ओवरसीज बैंक में रुपये ट्रांसफर करवाए गए। पुलिस इन सभी बैंक खातों के नंबर के आधार पर धारकों की पहचान करने में जुट गई है। संबंधित बैंक अधिकारियों से संपर्क कर सभी धारकों का रिकॉर्ड खंगाला गया है। साइबर पुलिस को जानकारी मिली है कि सभी चालू खाते हैं। इनमें कई खाते कंपनी के नाम पर रजिस्टर्ड हैं।

विज्ञापन

कानपुर समेत अन्य स्थानों पर दबिश

बैंक खातों के नंबर के आधार पर पुलिस की टीम कानपुर समेत अन्य स्थानों पर दबिश देने के लिए रवाना हो गई है। वहीं शातिरों के मोबाइल नंबर के आधार पर भी साइबर पुलिस को अहम सुराग मिला है। साइबर पुलिस अफसरों का कहना है कि शातिरों को जल्द पकड़ लिया जाएगा। बता दें कि शातिरों ने जेट एयरलाइंस के संस्थापक नरेश गोयल के बैंक धोखाधड़ी मामले में मुट्ठीगंज के व्यवसायी को आरोपी बताकर डिजिटल अरेस्ट रखा। ठगों ने पहले व्यवसायी के आधार कार्ड से बैंक खाता खुलने और उसमें मनी लॉन्ड्रिंग के रुपयों के लेनदेन का झांसा दिया और फिर सुप्रीम कोर्ट में मुकदमा दर्ज होने की बात कहकर 50.18 लाख रुपये ट्रांसफर करवा लिए।

विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें