चारों आरोपी लेकर आए थे असलहे
इसके बाद दीपक और उसके नकाबपोश दोस्त ने ताबड़तोड़ गोलियां चलाकर यासिर और सुल्तान को मार डाला। पुलिस ने दीपक को मौके से ही गिरफ्तार कर लिया था। उसने बयान दिया था कि चारों पिस्टल और तमंचे लेकर आए थे। जब उन्होंने असलहे निकाले तो उसने पिस्टल छीनकर फायर कर दिया। उसने किसी नकाबपोश साथी की बात से इनकार किया था। पुलिस ने उससे दो दिन पूछताछ की लेकिन वह अपने बयान पर अड़ा रहा।
धूमनगंज थाना प्रभारी ने बताया कि दीपक विश्वकर्मा को आज जेल भेज दिया गया। मोबाइल काल डीटेल्स से यह बात पता चली है कि उसी ने इमरान और उसके साथियों को बुलाया था। उसकी कॉल डीटेल्स से पता चला है कि उसने अपने दोस्त को भी कॉल की थी। इस मामले में दीपक के तीन भाई भी नामजद हैं। उनकी तलाश के साथ ही हत्याकांड में उनकी भूमिका की जांच की जा रही है।
नकाबपोश दोस्त छिपा था दूसरे कमरे में
पुलिस की जांच में यह बात सामने आई है कि दीपक ने अपने नकाबपोश साथी को पहले ही बुला लिया था। वह दूसरे कमरे में छिपा हुआ था। जब दोनों पक्षों में विवाद होने लगा तो दीपक ने मिर्च पाउडर फेंका। इसके बाद दीपक और उसके नकाबपोश दोस्त ने फायरिंग कर दी। पुलिस का कहना है कि जल्द ही उसे पकड़ा जाएगा। काल डीटेल्स से महत्वपूर्ण सुराग मिले हैं।