इलाहाबाद। एक लोकप्रिय गीत के बोल जलता सूरज धीरे-धीरे ढलता है ढल जाएगा संभवत: सभी के जेहन में होंगे। शुक्रवार को यूं लगा मानो जलता सूरज ढल ही नहीं रहा है। 47 डिग्री की तपिश ने अच्छे-अच्छों के मुंह से आह निकाल दी। दो दिनों से 45 पार हुए पारे ने शुक्रवार को नया इतिहास बना दिया। इस दिन पारा न केवल इस सीजन की गर्मी के सबसे उच्चतम स्तर पर पहुंच गया बल्कि तपिश ने एक दशक के रिकार्ड को भी राख कर दिया। अधिकतम 47 डिग्री सेल्सियस रिकार्ड किया गया जबकि न्यूनतम बृहस्पतिवार के 26 डिग्री से. के मुकाबले 1.06 डिग्री सेल्सियस बढ़कर 27.06 डिग्री सेल्सियस पर पहुंच गया। मौसम विभाग के मुताबिक तापमान आगे के दिनों में नए आयाम कायम कर सकता है।
पारा बृहस्पतिवार को अधिकतम 45.3 डिग्री सेल्सियस रिकार्ड किया गया था। शुक्रवार को इसमें 2.03 डिग्री सेल्सियस की बढ़त दर्ज की गई। तापमान के साथ-साथ आर्द्रता भी अब तक के सबसे न्यूनतम स्तर पर पहुंच गई है। शुक्रवार को अधिकतम आर्द्रता 38 और न्यूनतम आर्द्रता 13 फीसदी दर्ज की गई। आर्द्रता घटने और तापमान बढ़ने के साथ शहरियों की परेशानी बढ़ गई है। बाहर निकलना मुश्किल हो गया है। मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार इसके पहले पारा 47 डिग्री सेल्सियस सन 2001 के आसपास पहुंचा था। मौसम वैज्ञानिकों का अनुमान है कि तापमान अभी और रिकार्ड कायम कर सकता है। आर्र्दता भी कम हो सकती है। उन्होंने लोगों की इससे बचने की सलाह दी है। शहरी दोपहर में बाहर निकलने से बचें।