कुंभ मेला क्षेत्र में भ्रमण का मुख्य आधार ई-रिक्शा होंगे। झूंसी, परेड समेत कई स्थानों पर निजी वाहन रोक दिए जाएंगे। वहां से मेले में जाने तथा भ्रमण कराने के लिए ई-रिक्शा होंगे। इसके लिए 500 ई-रिक्शा चलाए जाएंगे। सलोरी से मेला के 100 फीट चौड़ी समानांतर सड़क भी बनाई जा रही है। इसके अलावा मेला क्षेत्र में भी दो मार्ग होंगे जिन पर ई-रिक्शा का संचालन होगा।
मेला क्षेत्र में इस बार कम से कम वाहनों को प्रवेश दिया जाएगा। भारी वाहनों का प्रवेश पूर्णत: प्रतिबंधित करने की योजना है। ऐसे में बाहर से आने वाले श्रद्धालुओं, पर्यटकों के लिए शहर के चारों तरफ पार्किंग की व्यवस्था की गई है। झूंसी में पुरेसुरदास में पार्किंग बनाई जा रही है। यहां से मेला क्षेत्र में सीधे प्रवेश होगा।
पार्किंग स्थल से ई-रिक्शा की सुविधा मिलेगी, जिनकी मदद से झूंसी के अलावा सेक्टर 14 से नौ तक जाया जा सकेगा। लखनऊ से आने वालों के लिए फाफामऊ के बेला कछार में पार्किंग की व्यवस्था की गई है। वहां गंगा नदी पर पीपे के दो पुल बनाए जा रहे हैं। स्नानार्थी वहां से सलोरी आएंगे।
सलोरी में ई-रिक्शा की सुविधा होगी, जिनकी मदद से सीधे मेला में जा सकेंगे। इसके लिए सलोरी से 100 फीट चौड़ी समानांतर सड़क बनाई जा रही है, जो बड़ा बघाड़ा, नागबासुकी, बख्शी बांध होते हुए मेला में जाएगी। उप मेलाधिकारी राजीव राय ने बताया कि ई-रिक्शा संचालन के लिए तैयारी की जा रही है। कई जगहों पर सीएनजी वाहन भी चलाने की योजना है।