मंडलायुक्त सौम्या अग्रवाल और पुलिस कमिश्नर जोगेंद्र कुमार की संयुक्त अध्यक्षता में आयोजित बैठक में माघ मेले में प्वाइंट-टू-प्वाइंट मोबिलिटी सिस्टम लागू करने के निर्देश दिए गए। इस व्यवस्था के तहत श्रद्धालुओं को जिले के विभिन्न पिकअप प्वाइंट से मेला क्षेत्र की निकटतम पार्किंग तक दोपहिया वाहन से पहुंचाया जाएगा।
मेला प्रशासन टू-व्हीलर सेवा संचालित करने के लिए ओला, उबर और रैपिडो जैसी कंपनियों को टेंडर के माध्यम से शामिल करेगा। सभी कंपनियां किमी के आधार पर किराया चार्ट तैयार करेंगी और सभी चालक निर्धारित रूट तथा निर्धारित किराए का पालन करने के लिए बाध्य होंगे।
अधिकारियों ने शहर के विभिन्न स्थानों से मेला क्षेत्र की निकटतम पार्किंग तक बनाए गए रूट प्लान की जानकारी भी दी। मंडलायुक्त ने निर्देश दिया कि जाम की संभावनाओं वाले क्षेत्रों, विशेषकर जीटी जवाहर जैसे संवेदनशील प्वाइंट पर बसें न लाई जाएं।
मंडलायुक्त ने कहा कि कंपनियों को अपने चालकों की सूची प्रशासन को सौंपनी होगी। पुलिस, परिवहन और रेलवे अधिकारियों की समिति टू-व्हीलर के रूट चार्ट तैयार करेगी। यह सुविधा एक जनवरी से 15 फरवरी तक, केवल नॉन-पीक डेज में लागू रहेगी। बैठक में जिलाधिकारी, एडिशनल कमिश्नर पुलिस, मेलाधिकारी और नगर आयुक्त मौजूद रहे।
खासियत
- 275 से अधिक बसें होंगी तैनात, भीड़ के अनुसार बढ़ेगी संख्या।
- 75 इलेक्ट्रिक (ईवी) बसें।
- 200 डीजल बसें की अतिरिक्त व्यवस्था।
- नॉन पीक डेज पर केवल ईवी बसें चलाई जाएंगी।
- पीक डेज पर सभी बसें संचालित की जाएंगी।
- भीड़ अधिक होने पर बसों की संख्या बढ़ाई जाएगी।