इलाहाबाद। वाराणसी में मंगलवार की रात गंगा में गणेश प्रतिमा विसर्जन पर अड़े संत-श्रद्धालुओं पर हुए लाठीचार्ज पर संत समाज जबर्दस्त रूप से आक्रोशित है। संतों ने दो टूक कहा है कि प्रशासन की यह कार्रवाई मुगलों के उस शासन जैसी है जिसमें हिन्दुओं पर तरह-तरह के कर लगाए जाते थे। यह किसी एक व्यक्ति नहीं बल्कि सनातन धर्मावलंबियों की आस्था और भावनाओं पर कुठाराघात है। बुधवार को मठ-मंदिरों में बैठक कर घटना की निंदा करते हुए आंदोलन का निर्णय लिया गया। लाठीचार्ज की घटना पर धार्मिक संगठनों ने भी गहरा रोष जताया है।
पंचायती अखाड़ा बड़ा उदासीन के महंत व्यास मुनि की अध्यक्षता में हुई बैठक में संतों ने कहा कि ऐसी बर्बरता तो अंग्रेजों के जमाने में हुआ करती थी। सनातन धर्म के प्रमुख शंकराचार्य स्वामी स्वरूपानंद सरस्वती के प्रतिनिधि शिष्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती की जिस बर्बरता से लाठियों से पिटाई की गई, उससे सनातन धर्मावलंबियों को गहरा आघात पहुंचा है। पुलिस की यह कार्रवाई लोकतांत्रिक समाज के लिए धब्बा है। पुलिस चाहती तो आंदोलनरत संतों को उठाकर दूसरे स्थान पर छोड़ देती लेकिन उसने दुर्भावना से उनके बहाने सनातन परंपरा पर आघात किया है। संत समाज ऐसी घटनाओं को कभी सहन नहीं करेगा। इस मामले में संत चुप नहीं बैठेंगे।
निर्मल पंचायती अखाड़ा के मुकामी महंत देवेंद्र सिंह शास्त्री सहित महंत कोठारी शिवानंद, भरत दास आदि ने कहा कि घटना की जितनी भी निंदा की जाए, कम है। अखिल भारतीय दंडी संन्यासी प्रबंध समिति के राष्ट्रीय प्रवक्ता आचार्य कुशमुनि ने कहा कि सनातन धर्म के संतों पर लाठीचार्ज की घटना घोर निंदनीय है। इस मामले को मानवाधिकार आयोग में ले जाया जाएगा ताकि घटना की निष्पक्ष जांच हो सके।
वाराणसी में संतों पर हुए लाठी चार्ज को लेकर धार्मिक संगठनों ने रोष जताया है। दुर्गा पूजा समिति एवं बंगाली वेलफेयर एसोसिएशन की साउथ मलाका में हुई बैठक में सदस्यों ने संतों पर लाठीचार्ज और उन्हें सड़क पर घसीटने की घटना की निंदा की। मुख्य सलाहकार एवं सचिव पीके राय ने कहा कि हाईकोर्ट के आदेश की आड़ में प्रशासन और पुलिस ने बर्बरता दिखाई है जिसके खिलाफ कानूनी लड़ाई लड़ी जाएगी।
अधिवक्ता विजय श्रीवास्तव सहित सुनीता शर्मा, उत्तम बनर्जी, गौतम बनर्जी, असित राय आदि ने कहा कि वाराणसी में लाठीचार्ज की घटना अत्यंत निंदनीय है। ललिता देवी मंदिर समिति के अध्यक्ष हरिमोहन वर्मा, महामंत्री धीरज नागर, प्रयागराज सेवा समिति के सचिव तीर्थराज पांडेय, संस्था प्रयास के संयोजक सुमित श्रीवास्तव ने कहा कि संतों पर लाठीचार्ज हर सनातनी का अपमान है, जिसे बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। अन्तर्राष्ट्रीय ब्राह्मण महासभा, भारतीय युवा कांग्रेस के सदस्यों ने भी लाठीचार्ज की निंदा की है।
भारतीय जनता पार्टी के सांसद केशव प्रसाद मौर्य ने कहा, मैं घटना की कड़ी निंदा करते हुए दोषी अफसरों पर कार्रवाई की मांग करता हूं। उत्तर प्रदेश की समाजवादी पार्टी की सरकार इससे पहले रामभक्तों पर लाठीचार्ज और कांवरियों को भजन-कीर्तन करने से रोक चुकी है। अब वह गणेश पूजनोत्सव को लेकर लाठीचार्ज करा रही है। जहां तक गंगा में गणेश प्रतिमा विसर्जन से जुड़ा मामला है, प्रशासन को वैकल्पिक प्रबंध के जरिये मुद्दे को सुलझाना चाहिए था। यह मुगलों की सरकार हो गई है, जो तुष्टीकरण की नीति पर चलकर हिन्दू समाज की भावनाओं का अनादर कर रही है। सरकार ट्रांसफर पोस्टिंग उद्योग में जुटी है। मुख्यमंत्री शासन चलाने में पूरी तरह से अक्षम हो गए हैं, ऐसे में उन्हें इस्तीफा दे देना चाहिए। घटना के विरोध में संगठन स्तर पर नीति तय की जाएगी।