शारदीय नवरात्र के पावन अवसर पर आठवें दिन मां दुर्गा के महागौरी स्वरूप की क्षेत्र में श्रद्धालुओं ने विधिवत पूजा-अर्चना की। अष्टमी तिथि को देवी महागौरी की आराधना कर सुख-समृद्धि की कामना की। सुबह से ही मंदिरों में भक्तों की भीड़ उमड़ी रही। महिलाओं ने पारंपरिक वेशभूषा धारण कर मां की आराधना की और कन्या पूजन कर पुण्यलाभ प्राप्त किया। वहीं, जिले भर के पंडालों में मैया की जयकार लगाई जा रही है। लोग भक्ति के रंग में रगे हैं।
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, मां महागौरी की पूजा से जीवन के समस्त दुख दूर होते हैं और भक्तों को सुख-समृद्धि की प्राप्ति होती है। कहा जाता है कि मां महागौरी का रूप शांति, करुणा और कोमलता का प्रतीक है। उनके श्वेत वस्त्र और उज्ज्वल आभा को पवित्रता और आध्यात्मिक उत्थान का प्रतीक माना जाता है।
विभिन्न मंदिरों में विशेष सजावट की गई थी। देवी के दरबार को पुष्पमालाओं और झालरों से सजाया गया। भक्तों ने मां को दूध, नारियल, श्वेत वस्त्र और शृंगार सामग्री अर्पित कर आशीर्वाद की कामना की। कई स्थानों पर धार्मिक झांकियां और भजन-संध्या का भी आयोजन हुआ।