फोटो कैप्शन आनापुर होलागढ़ के मुकुंदपुर मजरा धनवासा में कथा सुनते अतुल जी महाराज
होलागढ़ क्षेत्र मुकुंदपुर के धनवासा में चल रही शिव महापुराण कथा के पांचवें दिन अतुल महराज ने भक्तों को सती चरित्र की कथा सुनाई। उन्होंने बताया कि राजा दक्ष की पुत्री सती ने भगवान शिव को पति रूप में प्राप्त करने के लिए कठोर तपस्या की थी। उनकी तपस्या से प्रसन्न होकर भगवान शिव ने सती से विवाह किया। पिता के यज्ञ में बिना बुलाए पहुंची माता सती ने वहां भगवान शिव के प्रति अपमानजनक व्यवहार देखा। इससे वे अत्यंत दुखी हुईं और पति के अपमान को सहन न कर सकीं। उन्होंने यज्ञ मंडप में ही योगाग्नि में अपने शरीर का त्याग कर दिया। इस दाैरान मुख्य यजमान अवधेश बहादुर सिंह, सुरेश सिंह, अखिलेश आदि मौजूद रहे।