प्राथमिक और उच्च प्राथमिक विद्यालयों के शिक्षकों के समायोजन का आदेश 26 जून को बेसिक शिक्षा परिषद के सचिव सुरेंद्र तिवारी ने जारी किया था। उस समय शिक्षकों ने 31 मार्च की छात्र संख्या के आधार पर समायोजन का विरोध किया था। वह 30 सितंबर तक की छात्र संख्या के आधार पर समायोजन को मांग कर रहे थे। कुछ शिक्षक इसके खिलाफ कोर्ट भी गए थे।
बेसिक शिक्षा परिषद के विद्यालयों में समायोजन की प्रक्रिया शुरू हो गई है। 31 जुलाई तक मानव संपदा पोर्टल पर छात्र संख्या का विवरण अपलोड कर दिया गया है। अब दो अगस्त से सरप्लस शिक्षकों का विवरण पोर्टल पर दिखने लगेगा। समायोजन की प्रक्रिया सात अगस्त तक पूरी करनी होगी।
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प्राथमिक और उच्च प्राथमिक विद्यालयों के शिक्षकों के समायोजन का आदेश 26 जून को बेसिक शिक्षा परिषद के सचिव सुरेंद्र तिवारी ने जारी किया था। उस समय शिक्षकों ने 31 मार्च की छात्र संख्या के आधार पर समायोजन का विरोध किया था। वह 30 सितंबर तक की छात्र संख्या के आधार पर समायोजन को मांग कर रहे थे। कुछ शिक्षक इसके खिलाफ कोर्ट भी गए थे।
इसलिए यह प्रक्रिया कुछ दिन टल गई। पिछले दिनों 30 जून को छात्र संख्या के आधार पर समायोजन का आदेश जारी किया गया। आदेश के क्रम में छात्रों का विवरण 30 जुलाई तक मानव संपदा पोर्टल पर अपलोड कर दिया गया। अगले दिन उसकी त्रुटियां दूर की गईं। एक अगस्त को एनआईसी से सरप्लस शिक्षकों का विवरण तैयार किया गया। साथ ही कम शिक्षक वाले विद्यालयों का भी विवरण बनाया गया।
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अध्यापकों के समायोजन का क्रम उनकी वरिष्ठता के आधार पर बनाया गया है। दो से चार अगस्त तक वेबसाइट https://interdistricttransfer.upsdc.gov.in पर आवश्यकता वाले विद्यालयों की सूची और सरप्लस शिक्षकों की सूची प्रदर्शित की जाएगी। इस पर तीन से पांच अगस्त तक शिक्षकों से आपत्ति लेकर उसका निस्तारण किया जाएगा।
उसके बाद सरप्लस शिक्षकों से अधिकतम 25 विद्यालयों का विकल्प सात अगस्त तक लिया जाएगा। यह प्रक्रिया पूरी होते ही समायोजन ऑनलाइन जारी कर दिया जाएगा। सचिव सुरेंद्र तिवारी ने बताया कि यह प्रक्रिया निर्धारित अवधि में पूरी की जाएगी, जिससे शिक्षण व्यवस्था प्रभावित न हो। उन्होंने बताया कि मानव संपदा पोर्टल पर अपलोड छात्र संख्या में कोई त्रुटि न हो, इसका प्रमाण पत्र बीएसए से लिया गया है।