शंकरगढ़/लोहगरा। शिवराजपुर स्थित सिलिका वाशिंग प्लांट को खनन विभाग और पुलिस ने बुधवार को सीज करके एक हफ्ते के अंदर नोटिस का जवाब देने के लिए कहा था। इसके बावजूद बृहस्पतिवार को भी प्लांट से सिलिका सैंड का परिवहन किया गया। साफ है कि कार्रवाई सिर्फ दिखावा थी। टीम के लौटते ही वहां खनन का काम फिर शुरू हो गया। खनन विभाग की टीम ने बृहस्पतिवार को भी कई जगह छापा मारा लेकिन टीम को हर जगह से खाली हाथ लौटना पड़ा।
हालांकि खनन के खिलाफ प्रशासन के सक्रिय होने के बाद तमाम घाटों और पहाड़ियों पर सन्नाटा पसरा है।
कई जगह तीन दिनों से बालू, गिट्टी, पत्थर और सिलिका सैंड का खनन ठप है, लेकिन घूरपुर के कुछ घाटों और शंकरगढ़ में कुछ पहाड़ियों पर माफिया अब भी बेखौफ नजर आ रहे हैं और वहां खनन का काला कारोबार बेरोकटोक जारी है। बृहस्पतिवार को खनन अधिकारी के नेतृत्व में विभाग की टीम और पुलिस कर्मियों ने शंकरगढ़ के हड़ही गांव स्थित पहाड़ी पर दबिश दी लेकिन हाथ कुछ नहीं आया। खनन विभाग के अफसरों से बात कर उनके बयान भी दर्ज किए। अफसरों ने यह दावा भी किया कि बारा के शंकरगढ़, लोहगरा, नारीबारी, गन्ने, ललई, चंदनवा, चरिहारी, बरदहिया, लखनपुर, बदामा, शिवराजपुर, बेनीपुर, बघला, मदनपुर, बेनीपुर, कल्यानपुर, हड़ही, कटरा, गढ़वा, मिश्रापुरवा, टकटई, आमगोंदर, छिपिया, बांकीपुर, वैशा, कपसो, मलापुर, कपारी, गदामार सहित तमाम गांवों में कार्रवाई के बाद से गुरुवार को भी खनन का काम पूरी तरह से ठप है।
नोट-फोटो- 1-शंकरगढ़ के बरदहिया पहाड़ पर काम बंद होने से पसरा सन्नाटा।
2-शंकरगढ़ के बरदहिया पहाड़ पर काम बंद होने से पसरा सन्नाटा।
नोट-उक्त फोटो लोहगरा से भेजी जा रही है।