रेलवे स्टेशन छिवकी प्रयागराज के प्लेटफॉर्म संख्या एक पर उप मुख्य टिकट निरीक्षक अशोक कुमार कुशवाहा (डिप्टी चीफ टिकट इंस्पेक्टर) से शुक्रवार सुबह दो जीआरपी सिपाहियों ने मारपीट की। इससे नाराज साथी कर्मचारियों ने कार्य बहिष्कार करते हुए छिवकी जीआरपी चौकी के सामने धरने पर बैठ गए।
वह मारपीट करने वाले जीआरपी जवान के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने की मांग कर रहे थे। मामले में मारपीट करने वाले दो जीआरपी सिपाहियों को लाइन हाजिर कर दिया गया है। कोरांव निवासी अशोक कुमार कुशवाहा औद्योगिक थाना क्षेत्र के शांतिपुरम में रहते हैं। वो छिवकी स्टेशन पर उप मुख्य टिकट निरीक्षक हैं। शुक्रवार सुबह करीब सात बजे साबरमती-आसनसोल एसी स्पेशल ट्रेन के यात्रियों का टिकट चेक कर रहे थे।
इस दौरान बिना टिकट के दो यात्रियों को रोका गया तो उन्होंने बताया कि उनके भाई के पास टिकट है। भाई पुल पर है। थोड़ी देर बाद भाई के टिकट दिखाने पर दोनों यात्री चले गए।
इस बीच बिना वर्दी के एक व्यक्ति की ओर से टिकट चेक करते हुए देखा तो उप मुख्य टिकट निरीक्षक ने उससे कारण व अधिकार पत्र पूछा। उस व्यक्ति ने उप मुख्य टिकट निरीक्षक से बीच में न पड़ने की बात कही।
वह साक्ष्य के तौर पर वीडियो बनाने लगा और आगे की कार्रवाई के लिए कार्यालय ले जाने लगा। तभी एक व्यक्ति बिना वर्दी के और दूसरा बिना नेमप्लेट के सिपाही लिफ्ट में उप मुख्य टिकट निरीक्षक से मारपीट करने लगे।
जब वह जान बचाकर जीआरपी चौकी पहुंचे तो पता चला कि दोनों जीआरपी सिपाही हैं। इसकी सूचना उन्होंने अपने अधिकारियों व साथियों को दी। इस दौरान उनका मोबाइल फोन भी छीन कर एससी/एसटी की एफआईआर की धमकी देने लगे।
जानकारी होने पर अन्य सहकर्मियों में आक्रोश भड़क गया। बड़ी संख्या में टीटी चौकी के सामने धरने पर बैठ गए। मौके पर पहुंचे सीओ जीआरपी अरुण कुमार पाठक समेत तमाम अधिकारियों ने उन्हें समझाया, लेकिन वह आरोपी के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर कार्रवाई करने की मांग पर अड़े रहे।
करीब तीन घंटे बाद सभी प्रयागराज जंक्शन पहुंचे और जीआरपी प्रयागराज में मामले की लिखित शिकायत दी। अधिकारियों के आश्वासन के बाद धरना समाप्त हो गया। सीओ जीआरपी प्रयागराज अरुण कुमार पाठक ने बताया कि आरोपी सिपाही कमलेश कुमार और दिवेश को लाइन हाजिर कर दिया गया है। घायल उप मुख्य टिकट निरीक्षक का मेडिकल कराया गया है।